उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित परिषदीय विद्यालयों में 1 अक्टूबर 2026 से शीतकालीन समय-सारिणी लागू हो जाएगी। इसके तहत प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय अब सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक संचालित किए जाएंगे। यह व्यवस्था 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक प्रभावी रहेगी।
सुबह 9 बजे से शुरू होंगे विद्यालय
नई समय-सारिणी के अनुसार परिषदीय विद्यालयों का संचालन प्रातः 9:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक होगा। विद्यालय पहुंचने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को नए समय के अनुसार अपनी दिनचर्या निर्धारित करनी होगी।
विद्यालय में दिन की शुरुआत सुबह 9:00 बजे से होगी। प्रार्थना सभा एवं योगाभ्यास के लिए सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद नियमित शिक्षण कार्य संचालित होगा।
दोपहर 12 बजे से होगा मध्यावकाश
शीतकालीन समय-सारिणी में विद्यार्थियों के लिए मध्यावकाश दोपहर 12:00 बजे से 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। मध्यावकाश समाप्त होने के बाद विद्यालय में पुनः शिक्षण कार्य शुरू होगा और विद्यालय का संचालन दोपहर 3:00 बजे तक जारी रहेगा।
1 अप्रैल से 30 सितंबर तक लागू था ग्रीष्मकालीन समय
इससे पहले ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी के तहत परिषदीय विद्यालयों का संचालन सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक किया जा रहा था। इस दौरान मध्यावकाश का समय सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित था।
अब 30 सितंबर को ग्रीष्मकालीन व्यवस्था समाप्त होने के बाद 1 अक्टूबर से विद्यालयों में शीतकालीन समय-सारिणी लागू होगी।
सभी जिलों में नई समय-सारिणी का अनुपालन
विभाग की ओर से सभी जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 1 अक्टूबर से नई समय-सारिणी का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यालय संचालन निर्धारित नए समय के अनुसार किया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों का नया समय
| गतिविधि | समय |
|---|---|
| विद्यालय संचालन | सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक |
| प्रार्थना सभा/योगाभ्यास | सुबह 9:00 से 9:15 बजे तक |
| मध्यावकाश | दोपहर 12:00 से 12:30 बजे तक |
| शीतकालीन समय-सारिणी | 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक |
इस प्रकार 1 अक्टूबर 2026 से परिषदीय विद्यालयों में सुबह 9 बजे से पढ़ाई शुरू होगी और दोपहर 3 बजे तक विद्यालय संचालित होंगे। शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को नई समय-सारिणी के अनुसार विद्यालय की दिनचर्या में बदलाव करना होगा।


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