बुलंदशहर। मां की याद में एक शिक्षक ने ऐसा काम किया, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। बुलंदशहर के बीबीनगर विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-दो, केशोपुर सठला में तैनात सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र कुमार ने अपनी मां की पुण्यतिथि पर निजी खर्च से विद्यालय के दोनों कक्षों में एयर कंडीशनर लगवा दिए। उनकी इस पहल से अब बच्चों को गर्मी के दौरान वातानुकूलित कमरों में बैठकर पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी।
परिषदीय विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में शिक्षक की इस पहल को खास माना जा रहा है। विद्यालय को उत्तर प्रदेश का पहला पूरी तरह वातानुकूलित परिषदीय स्कूल बताया गया है। शिक्षक पुष्पेंद्र कुमार ने अपनी मां की स्मृति में बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण देने का प्रयास किया है।
मूल रूप से मेरठ जिले के रहने वाले पुष्पेंद्र कुमार वर्ष 2019 में तबादले के बाद इस विद्यालय में आए थे। विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत चार शिक्षक तैनात हैं और यहां 102 बच्चे पंजीकृत हैं। सीमित संसाधनों के बीच बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शिक्षक लगातार प्रयास करते रहे हैं।
विद्यालय में केवल दो कमरे, एक बरामदा और कार्यालय है। जगह कम होने के कारण बच्चों को इन्हीं कमरों और बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। गर्मियों में कक्षाओं में अधिक बच्चों के बैठने से उमस बढ़ जाती थी, जिससे उन्हें परेशानी होती थी। इसी समस्या को देखते हुए पुष्पेंद्र कुमार ने दोनों कक्षों को वातानुकूलित बनाने का निर्णय लिया।
जुलाई 2026 में अपनी मां की पुण्यतिथि पर उन्होंने निजी धनराशि खर्च करके दोनों कमरों में विंडो एयर कंडीशनर लगवाए। इससे बच्चों को गर्मी से राहत मिलेगी और वे बेहतर वातावरण में पढ़ाई कर सकेंगे।
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पुष्पेंद्र कुमार का योगदान केवल एसी लगवाने तक सीमित नहीं है। वह विद्यालय के बच्चों को स्वेटर और जूते भी वितरित करते रहे हैं, ताकि जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
सरकारी विद्यालयों में सुविधाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। ऐसे में एक शिक्षक द्वारा निजी खर्च से स्कूल की तस्वीर बदलने की यह पहल दूसरे शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। शिक्षक का उद्देश्य बच्चों को बेहतर माहौल देना और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करना है।
मां की याद में बच्चों के लिए उठाया गया यह कदम शिक्षक पुष्पेंद्र कुमार के समर्पण को दर्शाता है। उनके प्रयास से केशोपुर सठला का यह परिषदीय विद्यालय वातानुकूलित कक्षाओं के कारण चर्चा में आ गया है।


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