26 शिक्षक विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल, लखनऊ के विश्वविद्यालयों ने बढ़ाया देश का गौरव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के कुल 26 शिक्षक स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से संबद्ध विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की वर्ष 2026 की प्रतिष्ठित सूची में शामिल हुए हैं। इनमें लखनऊ विश्वविद्यालय के 14 और बीबीएयू के 12 शिक्षक शामिल हैं।
यह उपलब्धि दोनों विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों की गुणवत्ता, वैज्ञानिक योगदान और अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाती है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के 14 शिक्षक शामिल
लखनऊ विश्वविद्यालय के 14 शिक्षकों ने इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान प्राप्त किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एकल-वर्षीय शोध प्रभाव वाली सूची में विभिन्न विषयों के शिक्षकों को शामिल किया गया है।
इनमें भौतिकी विषय से प्रो. अमृतांशु शुक्ला और डॉ. चंद्रकिरण गौतम, रसायन विज्ञान से प्रो. अभिनव कुमार और डॉ. विनोद कुमार वशिष्ठ, प्राणि विज्ञान से प्रो. ओमकार तथा भूविज्ञान से प्रो. इंद्र बीर सिंह के नाम शामिल हैं।
बीबीएयू के 12 शिक्षकों को मिली जगह
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के 12 शिक्षक भी विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए हैं। विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रो. नवीन कुमार अरोरा ने एकल-वर्षीय सूची में 17,679वीं रैंक हासिल की है।
यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में पर्यावरण विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे शोध कार्यों की अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाती है।
एकेटीयू के प्रोफेसर अरुण कुमार तिवारी को लगातार छठी बार उपलब्धि
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के डीन और इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के प्रोफेसर अरुण कुमार तिवारी ने भी इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान प्राप्त किया है। उन्हें लगातार छठी बार विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होने की उपलब्धि मिली है।
केजीएमयू के 10 डॉक्टर भी सूची में शामिल
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के 10 डॉक्टरों के नाम भी इस सूची में शामिल बताए गए हैं। इसके अतिरिक्त, संबंधित संस्थान के 18 डॉक्टर और दो पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
शोध और अकादमिक उत्कृष्टता को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिलना शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक प्रकाशनों, उद्धरणों और शोध प्रभाव से जुड़ा महत्वपूर्ण मानदंड माना जाता है। लखनऊ के विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शोधकर्ताओं की यह उपलब्धि उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में प्रदेश की प्रतिष्ठा को मजबूत करती है।


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