प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित एवं विज्ञान विषय की 29334 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। भर्ती से संबंधित अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2026 को महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। आदेश के बाद लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों में नौकरी की उम्मीद फिर से जगी है।
355 अभ्यर्थियों के मामलों पर 12 सप्ताह में विचार
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की खंडपीठ के समक्ष हुई। अदालत के सामने तीन अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत किए गए थे।
इन आवेदनों में क्रमशः 163, 190 और 2 अभ्यर्थियों ने स्वयं को मामले में पक्षकार बनाए जाने की मांग की थी। कुल 355 अभ्यर्थियों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के 29 जनवरी 2025 के आदेश के बावजूद उनकी उम्मीदवारी पर अब तक विचार नहीं किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि इन 355 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी पर 12 सप्ताह के भीतर विचार किया जाए।
योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 29 जनवरी 2025 के आदेश के अनुसार कोई अन्य अभ्यर्थी भी योग्य और उपयुक्त पाया जाता है तो उसके मामले पर भी बिना अनावश्यक देरी के विचार किया जाए और पात्र पाए जाने पर नियुक्ति पत्र देने की पेशकश की जाए।
इस आदेश से 29334 भर्ती से जुड़े उन अभ्यर्थियों को राहत की उम्मीद है, जो लंबे समय से नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
नियुक्ति नहीं देने पर देना होगा कारण
अदालत ने यह भी कहा है कि यदि किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दी जाती है तो संबंधित प्राधिकारी को तर्कपूर्ण आदेश पारित करना होगा और इसकी जानकारी संबंधित अभ्यर्थी को देनी होगी।
इसका मतलब है कि किसी अभ्यर्थी की उम्मीदवारी को बिना कारण बताए खारिज नहीं किया जा सकेगा। पात्रता और उपयुक्तता के आधार पर उसके मामले पर निर्णय लेना होगा।
छह सप्ताह बाद फिर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को छह सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। इस दौरान संबंधित प्राधिकारी को अदालत के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी।
29334 भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए क्या मायने?
- 355 अभ्यर्थियों के मामलों पर 12 सप्ताह में विचार होगा।
- 29 जनवरी 2025 के आदेश के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति की पेशकश की जा सकती है।
- अन्य पात्र अभ्यर्थियों के मामलों पर भी विचार करने का निर्देश है।
- नियुक्ति नहीं देने पर कारण सहित आदेश देना होगा।
- मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।
अभ्यर्थियों में बढ़ी नौकरी की उम्मीद
29334 भर्ती लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में रही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का ताजा निर्देश अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, सिर्फ इस आदेश के आधार पर सभी अभ्यर्थियों की नियुक्ति सुनिश्चित नहीं मानी जा सकती। नियुक्ति संबंधित अभ्यर्थी की पात्रता, उपलब्ध पद और अदालत के पूर्व आदेशों के अनुरूप प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।


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