प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की अध्यापक संबंधी विनियमावली में शैक्षिक योग्यता को लेकर महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद संशोधित प्रावधान को उत्तर प्रदेश गजट में प्रकाशित कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश के सचिव कार्यालय की ओर से 11 सितंबर 2026 को जारी विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई है।
यह संशोधन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम, 1921 के अधीन परिषद के विनियमों के अध्याय-2 के विनियम-7(1)(क) तथा विनियम-1 के परिशिष्ट-‘क’ (3) में किया गया है।
शासन की मंजूरी के बाद जारी हुआ गजट
जारी विज्ञप्ति के अनुसार शिक्षा निदेशक (मा.), उत्तर प्रदेश के पत्र के क्रम में शासन के माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-5, लखनऊ की ओर से नियमों में संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद ने संशोधित व्यवस्था को गजट में प्रकाशित कराया है।
गजट में वर्तमान व्यवस्था और प्रस्तावित व्यवस्था को अलग-अलग दर्शाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि किन पदों की योग्यता में बदलाव किया गया है।
सहायक अध्यापक की योग्यता में बदलाव
संशोधित व्यवस्था में सहायक अध्यापक पद के लिए शैक्षिक योग्यता को नए तरीके से निर्धारित किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार अभ्यर्थी के पास निम्न योग्यता होनी चाहिए—
- भारत में विधि द्वारा स्थापित अथवा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/मानित विश्वविद्यालय/संस्था से स्नातक उपाधि।
- बीटीसी (B.T.C.) अथवा डीएलएड (D.El.Ed.) की निर्धारित मान्यता प्राप्त उपाधि।
- उत्तर प्रदेश सरकार अथवा भारत सरकार द्वारा आयोजित कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के अध्यापक पात्रता परीक्षा (TET) में सफलता।
इस तरह संशोधित प्रावधान में स्नातक के साथ शिक्षक प्रशिक्षण की निर्धारित योग्यता और TET को भी स्पष्ट रूप से जोड़ा गया है।
पुरानी व्यवस्था में क्या था?
गजट में पुरानी और नई व्यवस्था की तुलना की गई है। पुरानी व्यवस्था में संबंधित अध्यापक पद के लिए स्नातक परीक्षा के साथ बीटीसी/बीटीसीसी/एसटीसी या समकक्ष अर्हता का उल्लेख था।
संशोधित व्यवस्था में शिक्षक प्रशिक्षण की योग्यता को बीटीसी अथवा डीएलएड के रूप में स्पष्ट किया गया है। इसके साथ संबंधित प्राथमिक स्तर की TET पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त भी जोड़ी गई है।
अन्य अध्यापक की व्यवस्था में भी संशोधन
गजट में विनियम-1 के परिशिष्ट-‘क’ (3) के अन्य अध्यापक से संबंधित प्रावधान में भी संशोधन किया गया है।
इसमें ऐसे इंटरमीडिएट कॉलेज एवं हाईस्कूल से संबंधित अध्यापक व्यवस्था का उल्लेख है, जहां संबंधित प्रावधानों के तहत वेतन भुगतान किया जाता है और रिक्तियों को भरने की व्यवस्था निर्धारित है।




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