प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। करीब 28 साल बाद सहायक अध्यापकों यानी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) को भी प्रधानाचार्य भर्ती में आवेदन का अवसर मिलेगा। शासन ने अर्हता संशोधन संबंधी आदेश जारी कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत निजी स्कूलों में कार्यरत पात्र शिक्षकों को भी प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती में शामिल होने का मौका मिलेगा। प्रधानाचार्य पद के लिए अभ्यर्थी के पास न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री और बीएड होना जरूरी है। साथ ही कक्षा नौ से 12 तक प्रवक्ता, सहायक अध्यापक या हाईस्कूल प्रधानाध्यापक के रूप में कम से कम चार वर्ष का शिक्षण अनुभव आवश्यक होगा।
प्रधानाध्यापक पद के लिए भी स्नातकोत्तर में 50 प्रतिशत अंक तथा बीएड या बीपीएड अनिवार्य किया गया है। अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 30 वर्ष निर्धारित है। शिक्षा निदेशालय ने प्रधानाचार्य के 1475 और प्रधानाध्यापक के 1172 रिक्त पदों की सूचना शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेज दी है। अब भर्ती विज्ञापन जल्द जारी होने की उम्मीद है।


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