प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक मंडल स्तर पर होने वाली भर्ती को प्रदेश स्तर पर कराने की तैयारी की जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने पर अभ्यर्थियों को अलग-अलग मंडलों के लिए अलग आवेदन नहीं करना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रधानाचार्य भर्ती प्रक्रिया में पहली बार लिखित परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को आगे की चयन प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। आयोग की ओर से भर्ती विज्ञापन जारी करने की तैयारी तेज कर दी गई है।
एक आवेदन और एक बार शुल्क जमा करने की सुविधा
नई प्रदेश स्तरीय भर्ती व्यवस्था से अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पहले प्रधानाचार्य भर्ती मंडल स्तर पर होने के कारण अभ्यर्थियों को अलग-अलग मंडलों के लिए अलग आवेदन करना पड़ता था। इसके साथ ही प्रत्येक आवेदन के लिए अलग-अलग शुल्क भी जमा करना पड़ सकता था।
लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद अभ्यर्थी प्रदेश स्तर की भर्ती के लिए एक ही आवेदन कर सकेंगे और उन्हें आवेदन शुल्क भी केवल एक बार जमा करना होगा।
लिखित परीक्षा के बाद होगा साक्षात्कार
प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती प्रक्रिया में इस बार लिखित परीक्षा को शामिल किया जा रहा है। लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
इसके बाद निर्धारित चयन प्रक्रिया और मेरिट के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। प्रदेश स्तर पर भर्ती होने से पूरी चयन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एक शिक्षक के कई मंडलों में चयन की समस्या होगी खत्म
मंडल स्तर पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ी समस्या यह भी सामने आती थी कि एक ही शिक्षक का चयन कई मंडलों में हो जाता था। ऐसे में कई पदों और चयन प्रक्रिया को लेकर जटिल स्थिति पैदा हो जाती थी।
अब प्रदेश स्तर पर एकीकृत चयन होने से इस समस्या के समाप्त होने की संभावना है। अभ्यर्थियों की एक ही मेरिट सूची और एकीकृत चयन प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्ति की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।
13 वर्ष बाद फिर शुरू होगी प्रधानाचार्य भर्ती
उत्तर प्रदेश के एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य भर्ती के लिए वर्ष 2013 में विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद लंबे समय तक प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
अब करीब 13 वर्ष बाद एक बार फिर इन पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू होने से हजारों अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है।
हजारों पदों पर भर्ती की संभावना
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को रिक्त पदों की जानकारी भेजी गई थी। इसमें इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1475 पद और हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 1172 पदों का विवरण शामिल था।
हालांकि पदों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने के कारण आयोग ने प्रस्ताव वापस भेज दिया था। अब नए अधियाचन के माध्यम से रिक्त पदों की संशोधित जानकारी भेजे जाने की संभावना है। ऐसे में भर्ती में पदों की संख्या बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
जल्द जारी हो सकता है भर्ती विज्ञापन
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक भर्ती के लिए नई व्यवस्था के अनुसार प्रक्रिया तैयार की जा रही है। रिक्त पदों की अंतिम संख्या और अधियाचन स्पष्ट होने के बाद भर्ती विज्ञापन जारी किया जा सकता है।
प्रदेश स्तर पर भर्ती, लिखित परीक्षा और एकल आवेदन जैसी नई व्यवस्था से यह भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी अलग होने वाली है। ऐसे में प्रधानाचार्य भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए आने वाला विज्ञापन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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