उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की तैनाती को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। अब कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पर्यवेक्षक की तैनाती की व्यवस्था समाप्त होने वाली है। ऐसे में जिन प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्थायी प्रधानाध्यापक नहीं हैं, वहां अब प्रभारी प्रधानाध्यापक या प्रधानाध्यापिका की तैनाती की जाएगी।
इस संबंध में पहले भी उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खंडपीठ ने 30 अप्रैल 2025 को महत्वपूर्ण आदेश दिया था। न्यायालय ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया था कि विद्यालयों में केवल वरिष्ठ सहायक अध्यापकों को ही प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया जाए। इसका उद्देश्य कनिष्ठ अध्यापकों को प्रभारी बनाए जाने से उत्पन्न होने वाले असंतोष को समाप्त करना था।
न्यायालय ने विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नियमित प्रधानाध्यापक के समान वेतन देने के भी निर्देश दिए थे। इसके बाद शासन ने 14 अक्टूबर 2025 को शासनादेश जारी कर विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की व्यवस्था तय की थी।
पूर्व व्यवस्था में कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में वरिष्ठतम अध्यापक को पर्यवेक्षक बनाया जाता था और उन्हें अतिरिक्त भुगतान नहीं दिया जाता था। वहीं अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में जिला स्तरीय वरिष्ठता सूची के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक की तैनाती की जाती थी।
अब 16 जुलाई को जारी संशोधित शासनादेश में पर्यवेक्षक की तैनाती का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। इसके बाद सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में, जहां नियमित प्रधानाध्यापक तैनात नहीं हैं, वहां जिला स्तरीय वरिष्ठता सूची के आधार पर प्रभारी प्रधानाध्यापक या प्रधानाध्यापिका की तैनाती की जाएगी।
इस फैसले से अब छात्र संख्या के आधार पर अलग-अलग व्यवस्था नहीं होगी और प्रधानाध्यापक विहीन विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
प्रमुख बिंदु:
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सभी विद्यालयों में होगी प्रभारी प्रधानाध्यापक की तैनाती: जिन प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नियमित प्रधानाध्यापक नहीं हैं, वहां प्रभारी प्रधानाध्यापक या प्रधानाध्यापिका नियुक्त किए जाएंगे।
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पर्यवेक्षक व्यवस्था समाप्त: कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में वरिष्ठतम शिक्षक को पर्यवेक्षक बनाने की पुरानी व्यवस्था को संशोधित शासनादेश के जरिए समाप्त कर दिया गया है।
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वरिष्ठता के आधार पर मिलेगा प्रभार: जिला स्तरीय वरिष्ठता सूची के आधार पर वरिष्ठ सहायक अध्यापकों को प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे कनिष्ठ शिक्षकों को प्रभार दिए जाने से होने वाला विवाद कम होगा।
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प्रभारी को मिलेगा नियमित पद के समान वेतन: उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नियमित प्रधानाध्यापक के समान वेतन देने के निर्देश दिए गए हैं।


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