उत्तर प्रदेश में NEET UG 2026 के तहत एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित प्रथम चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग को निरस्त कर दिया गया है। अब प्रथम चरण की काउंसिलिंग की प्रक्रिया दोबारा कराई जाएगी। इससे पहले चरण में मेडिकल कॉलेज की सीट पाने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा च्वाइस फिलिंग करनी होगी।
यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की ओर से 16 सितंबर को दिए गए आदेश के अनुपालन में लिया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय ने इसके बाद प्रथम चरण की काउंसिलिंग के लिए संशोधित समय-सारणी जारी की है।
21 सितंबर तक होगी च्वाइस फिलिंग
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम चरण की ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग शुक्रवार शाम पांच बजे से शुरू हो गई है। अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की च्वाइस भरने और उसे लॉक करने के लिए 21 सितंबर शाम पांच बजे तक का समय दिया गया है।
इसके बाद 22 सितंबर को सीट आवंटन का परिणाम जारी किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों को संशोधित काउंसिलिंग में सीट आवंटित होगी, वे 23 सितंबर से 26 सितंबर के बीच अपना आवंटन पत्र डाउनलोड कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
सात सितंबर का सीट आवंटन अमान्य
महानिदेशालय की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि 7 सितंबर को जारी किया गया सीट आवंटन अमान्य माना जाएगा। पहले चरण में जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित हुई थी, उन्हें संशोधित प्रथम चरण की काउंसिलिंग में निर्धारित अवधि के भीतर दोबारा च्वाइस भरनी होगी और उसे लॉक करना होगा।
नई काउंसिलिंग में च्वाइस फिलिंग के लिए प्रथम चरण के लिए पहले से जारी मेरिट सूची को आधार बनाया जाएगा। ऐसे में पहले सीट प्राप्त कर चुके अभ्यर्थियों को भी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रक्रिया में शामिल होना जरूरी होगा।
अभ्यर्थियों को दोबारा पूरी करनी होगी प्रक्रिया
पहले चरण में सीट आवंटन होने के बाद प्रवेश की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण बदलाव है। उन्हें अब पुराने सीट आवंटन के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के बजाय संशोधित काउंसिलिंग कार्यक्रम का पालन करना होगा।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और निर्धारित समय सीमा के भीतर च्वाइस फिलिंग तथा लॉकिंग की प्रक्रिया पूरी करें।
NEET परीक्षा की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इसी बीच NEET परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया। मामले में केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने परीक्षा व्यवस्था में बदलाव किए जाने की जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी नई सुविधाओं का जायजा लेने के लिए NTA मुख्यालय का दौरा करने की बात कही। अदालत के समक्ष परीक्षा की सुरक्षा और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों पर चर्चा हुई।


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