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200 मीटर के दायरे में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र होंगे विद्यालयों में शिफ्ट, शासन ने शुरू की कार्रवाई

Sir Ji Ki Pathshala

परिषदीय प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों के पास स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग रिपोर्ट तैयार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों को मजबूत बनाने और आंगनबाड़ी सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शासन के निर्देश पर अब परिषदीय प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों के 200 मीटर की परिधि में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को संबंधित विद्यालय परिसर में शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्र मैपिंग

इस संबंध में विभिन्न जिलों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग कर रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट में उन केंद्रों की पहचान की गई है, जो विद्यालय परिसर में हैं अथवा विद्यालय से 200 मीटर की दूरी के भीतर स्थित हैं।

75 जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों की तैयार हुई मैपिंग रिपोर्ट

जारी मैपिंग रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 75 जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों का विवरण तैयार किया गया है। रिपोर्ट में प्रत्येक जिले के लिए कुल आंगनबाड़ी केंद्र, मैप किए गए केंद्र, विद्यालय परिसर में संचालित केंद्र तथा विद्यालय के 200 मीटर के दायरे में स्थित केंद्रों की संख्या दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 1,89,280 आंगनबाड़ी केंद्रों का विवरण शामिल किया गया है। इनमें से 1,61,190 केंद्रों की मैपिंग की गई है।

मैपिंग के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र मिले हैं, जो पहले से विद्यालय परिसर में संचालित हैं, जबकि कई केंद्र विद्यालयों के 200 मीटर के दायरे में स्थित हैं।

200 मीटर के भीतर स्थित केंद्रों को विद्यालय में शिफ्ट करने की तैयारी

निर्देशों के अनुसार जिन आंगनबाड़ी केंद्रों की दूरी संबंधित परिषदीय प्राथमिक या कम्पोजिट विद्यालय से 200 मीटर तक है, उन्हें संबंधित विद्यालय परिसर में स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाएगी।

इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी और विद्यालयी शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने की व्यवस्था को मजबूत करना है।

विद्यालयों के साथ समन्वय से होगा स्थानांतरण

आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया में संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय से कार्रवाई करेंगे। जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

स्थानांतरण से पहले यह भी देखा जाएगा कि संबंधित विद्यालय में आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन के लिए आवश्यक स्थान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।

जिलों को भेजे गए आवश्यक निर्देश

शासन स्तर से जारी पत्र के माध्यम से जिलों को आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति का विवरण उपलब्ध कराने और चिन्हित केंद्रों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

मैपिंग रिपोर्ट के आधार पर उन केंद्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो विद्यालय परिसर के बाहर संचालित हो रहे हैं लेकिन संबंधित परिषदीय विद्यालय से 200 मीटर की दूरी के भीतर स्थित हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच बढ़ेगा समन्वय

आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालय परिसर से जोड़ने की इस पहल से बाल विकास, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने की उम्मीद है। इससे छोटे बच्चों को आगे चलकर विद्यालयी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में भी सहायता मिल सकती है।

हालांकि, प्रत्येक जिले में केंद्रों के स्थानांतरण की अंतिम प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर उपलब्ध भवन, स्थान और अन्य व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए पूरी की जाएगी।

एक नजर में

  • परिषदीय प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों के पास स्थित केंद्रों की मैपिंग
  • 200 मीटर की परिधि में आने वाले आंगनबाड़ी केंद्र होंगे चिन्हित
  • संबंधित विद्यालय परिसर में शिफ्ट करने की होगी कार्रवाई
  • प्रदेश के 75 जिलों की मैपिंग रिपोर्ट तैयार
  • कुल 1,89,280 आंगनबाड़ी केंद्रों का विवरण रिपोर्ट में शामिल
  • 1,61,190 केंद्रों की मैपिंग की गई
  • बाल विकास और प्रारंभिक शिक्षा के बेहतर समन्वय पर रहेगा जोर

नोट: केंद्रों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया संबंधित विभागों के निर्देशों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध व्यवस्थाओं के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी।





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