उत्तर प्रदेश के लखीमपुर और मैनपुरी में सोमवार को शिक्षकों से जुड़ी दो अलग-अलग हिंसक घटनाओं ने सनसनी फैला दी। लखीमपुर में एक युवक ने स्कूल परिसर में पहुंचकर शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली। वहीं मैनपुरी में स्कूल से घर लौट रहे इंचार्ज प्रधानाध्यापक की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों घटनाओं में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लखीमपुर शहर के शाहपुरा कोठी स्थित चिल्ड्रेन अकादमी स्कूल में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे हुई घटना से स्कूल में दहशत फैल गई। 23 वर्षीय शिक्षिका निशात फातिमा स्कूल परिसर में थीं। इसी दौरान नौरंगाबाद निवासी 25 वर्षीय सऊद अंसारी स्कूल पहुंचा। बताया गया कि युवक अपने साथ एक बैग लेकर आया था और वह निशात फातिमा को स्कूल की दूसरी मंजिल पर ले गया। वहां क्लास रूम के सामने उसने शिक्षिका को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
गोलियों की आवाज सुनकर स्कूल के शिक्षक और बच्चे सहम गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएम अंजनी कुमार सिंह, एसपी डॉ. ख्याति गर्ग, एएसपी पवन गौतम और सीओ सिटी विवेक तिवारी सहित पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया।
पुलिस ने मौके से दो तमंचे, चार खोखे और एक कारतूस बरामद किए हैं। घटना के पीछे की वजह क्या थी, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है। युवक और शिक्षिका के बीच क्या संबंध था और स्कूल परिसर में युवक किस उद्देश्य से पहुंचा था, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
उधर, मैनपुरी में भी सोमवार दोपहर एक शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सुल्तानगंज विकासखंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय उस्मानपुर में इंचार्ज प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात 56 वर्षीय यशपाल सिंह स्कूल की छुट्टी के बाद बाइक से अपने घर लौट रहे थे। एलाऊ थाना क्षेत्र में कुसमरा रोड से दिवन्नपुर चौधरी जाने वाले मार्ग पर बाइक सवार बदमाशों ने पीछे से उन्हें गोली मार दी।
बताया गया कि बदमाशों ने यशपाल सिंह को दो गोलियां मारीं। गोली लगने के बाद वह सड़क पर गिर पड़े। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से घायल शिक्षक को जिला अस्पताल की इमरजेंसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसपी गणेश प्रसाद साहा, सीओ सिटी अशोक कुमार और थाना प्रभारी अवनीश त्यागी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के निर्देश दिए हैं, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
पुलिस के अनुसार, यशपाल सिंह अपने साथी शिक्षक के जमीन से जुड़े मामले में न्यायालय में पैरवी कर रहे थे। इसी मामले से जुड़ी रंजिश को हत्या की वजह बताया जा रहा है। हालांकि हत्या का वास्तविक कारण जांच और मुकदमे की आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
मामले में यशपाल सिंह के रिश्ते के भाई की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यशपाल सिंह के बारे में बताया गया कि वह पहले एयरफोर्स में कार्यरत थे। वर्ष 2002 में उन्होंने शिक्षक की नौकरी शुरू की और इसके बाद एयरफोर्स की नौकरी छोड़ दी। वह भोगांव क्षेत्र के ग्राम रूई के रहने वाले थे और वर्तमान में मैनपुरी में रहते थे।
एक ही दिन लखीमपुर और मैनपुरी में शिक्षकों से जुड़ी इन दोनों घटनाओं ने स्कूलों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और इनके कारण भी अलग बताए जा रहे हैं। लखीमपुर मामले में दो लोगों की मौत हुई है, जबकि मैनपुरी में शिक्षक की हत्या के मामले में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।


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