लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों ने विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। शिक्षामित्र संगठनों का कहना है कि वर्षों से विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने का कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को भी विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव शुक्ला और प्रदेश संगठन मंत्री कौशल सिंह ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में करीब दो दशकों से शिक्षण कार्य से जुड़े शिक्षामित्रों के लिए भी विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए।
शिक्षामित्र संगठनों का तर्क है कि विशेष टीईटी कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों को अवसर देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है, ऐसे में लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखना उचित नहीं होगा। उन्होंने मांग की है कि विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षामित्रों को भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने भी शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने और उन्हें पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर देने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षामित्र लंबे समय से विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
शिक्षामित्रों की मांग के बाद अब इस मुद्दे पर शासन और संबंधित विभाग के निर्णय का इंतजार है। विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने संबंधी अंतिम फैसला शासन अथवा आयोग की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक आदेश या संशोधित विज्ञापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


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