प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने भर्ती के दौरान रिक्त पदों की संख्या 1262 से घटाकर 634 किए जाने की कार्रवाई को वैध माना है और इस फैसले के खिलाफ दाखिल विशेष अपीलों को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन जूनियर हाईस्कूलों को बाद में हाईस्कूल अथवा इंटरमीडिएट कॉलेज के रूप में अपग्रेड कर मान्यता मिल गई, वहां उत्पन्न होने वाली रिक्तियों को जूनियर हाईस्कूल सहायक अध्यापक भर्ती की रिक्तियों में शामिल नहीं किया जा सकता।
1262 पदों पर जारी हुआ था विज्ञापन
मामला जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती के लिए 3 नवंबर 2025 को जारी विज्ञापन से जुड़ा है। शुरुआत में भर्ती के लिए कुल 1262 रिक्त पद निर्धारित किए गए थे।
हालांकि, भर्ती प्रक्रिया के दौरान कुछ संबंधित संस्थानों की स्थिति में बदलाव हुआ और वे हाईस्कूल अथवा इंटरमीडिएट कॉलेज के रूप में अपग्रेड हो गए। इसके बाद मार्च 2026 में जारी अधिसूचनाओं के माध्यम से ऐसे संस्थानों की रिक्तियों को जूनियर हाईस्कूल भर्ती से अलग कर दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद भर्ती के लिए रिक्त पदों की संख्या घटकर 634 रह गई।
अभ्यर्थियों ने रिक्तियां घटाने को दी थी चुनौती
रिक्त पदों की संख्या कम किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में विशेष अपीलें दाखिल की थीं। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद पदों की संख्या कम करना उचित नहीं है।
अभ्यर्थियों की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि भर्ती परीक्षा में सफल होने और चयन सूची में नाम आने के बाद रिक्तियां कम किए जाने से उनके चयन की संभावना प्रभावित हुई है।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने मामले पर विचार करते हुए पाया कि रिक्तियों में कमी मनमाने तरीके से नहीं की गई थी। जिन संस्थानों का दर्जा बदलकर हाईस्कूल या इंटरमीडिएट कॉलेज हो गया, उनकी रिक्तियों को जूनियर हाईस्कूल सहायक अध्यापक भर्ती के तहत रखना नियमों के अनुरूप नहीं था।
कोर्ट ने माना कि किसी अभ्यर्थी का परीक्षा में सफल होना या चयन सूची में शामिल होना अपने आप नियुक्ति का पूर्ण और अटल अधिकार नहीं देता।
एकल पीठ का फैसला भी बरकरार
हाईकोर्ट ने 19 फरवरी 2026 को दिए गए एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा। साथ ही 9 मार्च और 15 मार्च 2026 को जारी संबंधित अधिसूचनाओं को भी वैध माना।
इसके साथ ही भर्ती में रिक्तियां घटाने के खिलाफ दाखिल सभी विशेष अपीलों को खारिज कर दिया गया।
फैसले की मुख्य बातें
- जूनियर हाईस्कूल सहायक अध्यापक भर्ती का मामला।
- शुरुआत में 1262 रिक्त पदों पर भर्ती विज्ञापन जारी हुआ था।
- बाद में पदों की संख्या घटाकर 634 कर दी गई।
- अपग्रेड होकर हाईस्कूल या इंटर कॉलेज बने संस्थानों की रिक्तियां अलग की गईं।
- हाईकोर्ट ने रिक्तियां कम करने की कार्रवाई को नियमों के अनुरूप माना।
- 19 फरवरी 2026 के एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा गया।
- सभी विशेष अपीलें खारिज कर दी गईं।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद जूनियर हाईस्कूल सहायक अध्यापक भर्ती में 634 पदों को ही वैध रिक्तियां माना जाएगा। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि संस्थान का दर्जा बदलने के बाद उसकी रिक्तियों को पुराने जूनियर हाईस्कूल भर्ती ढांचे में शामिल नहीं किया जा सकता।
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