नई दिल्ली/लखनऊ: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वां केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) इस समय सबसे बड़ा और चर्चा का विषय बना हुआ है। जनवरी 2025 में इसके गठन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब यह आयोग परामर्श, बैठकों और हितधारकों से सुझाव लेने के बेहद महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है। विभिन्न कर्मचारी संगठन वेतन, फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन और पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग लगातार उठा रहे हैं।
हालांकि, अभी तक नया पे मैट्रिक्स, फिटमेंट फैक्टर या अंतिम वेतन संरचना को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वेतन कैलकुलेटर और संभावित आंकड़े फिलहाल केवल अनुमान और मांगें हैं। आइए, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की शुरुआत से लेकर अब तक की पूरी टाइमलाइन और आगे की प्रक्रिया को विस्तार से समझें।
1. 8वें वेतन आयोग की टाइमलाइन: शुरुआत से अब तक
- 16 जनवरी 2025 (सैद्धांतिक मंजूरी): 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की शुरुआत इसी दिन से मानी जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी, क्योंकि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होना था।
- 28 अक्टूबर 2025 (Terms of Reference को मंजूरी): कैबिनेट ने आयोग के 'विचारार्थ विषय' (Terms of Reference - ToR) को मंजूरी दी, जिससे यह तय हुआ कि आयोग किन-किन विषयों और वर्गों की समीक्षा करेगा।
- 3 नवंबर 2025 (औपचारिक गठन): राजपत्र (Gazette) अधिसूचना जारी होने के साथ आयोग का औपचारिक गठन हो गया। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है, जिसके तहत मई 2027 तक रिपोर्ट आने की संभावना है।
- फरवरी 2026 (वेतन आयोग की वेबसाइट लॉन्च): आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (8cpc.gov.in) लॉन्च की गई, जिससे सूचनाओं और परामर्श प्रक्रिया को गति मिली।
- फरवरी-मार्च 2026 (18 सवालों वाली प्रश्नावली): कर्मचारियों और पेंशनर्स से सुझाव मांगने के लिए 18 प्रश्नों की एक प्रश्नावली जारी की गई, जिसके जवाब मार्च 2026 तक मांगे गए थे।
2. आयोग का नेतृत्व और कार्यक्षेत्र
8वें वेतन आयोग के प्रमुख पद और कार्यक्षेत्र का विवरण इस प्रकार है:
- अध्यक्ष: न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई (सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज)
- अंशकालिक सदस्य: प्रोफेसर पुलक घोष (आईआईएम बैंगलोर)
- सदस्य-सचिव: पंकज जैन, आईएएस
- मुख्यालय: चंदरलोक बिल्डिंग, जनपथ, नई दिल्ली।
किस पर पड़ेगा असर?
यह आयोग लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स के वेतन, भत्ते, पेंशन, ग्रेच्युटी और पे मैट्रिक्स की व्यापक समीक्षा कर रहा है।
3. देशभर में परामर्श और बैठकों का दौर (अगस्त-अक्टूबर 2026)
विभिन्न कर्मचारी संगठनों, मंत्रालयों और पेंशनर एसोसिएशनों के साथ सीधी बातचीत के लिए आयोग देश के अलग-अलग शहरों में बैठकें कर रहा है। अगस्त 2026 तक कई दौर की बातचीत हो चुकी है और आगे का कार्यक्रम इस प्रकार है:
| स्थान | निर्धारित तारीख |
|---|---|
| जयपुर | 31 अगस्त – 1 सितंबर 2026 |
| चेन्नई | 7–8 सितंबर 2026 |
| पुडुचेरी | 9 सितंबर 2026 |
| चंडीगढ़ | 16–18 सितंबर 2026 |
| बेंगलुरु | 7–8 अक्टूबर 2026 (आवेदन की अंतिम तिथि: 18 सितंबर) |
4. कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगें
विभिन्न यूनियनों और संगठनों द्वारा आयोग के सामने कई बड़े प्रस्ताव रखे गए हैं:
- फिटमेंट फैक्टर: कर्मचारी संगठन 3.61, 3.83 या 4.00 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं (बता दें कि 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था)।
- न्यूनतम बेसिक पे: न्यूनतम मूल वेतन को बढ़ाकर ₹69,000 से ₹72,000 तक करने का प्रस्ताव रखा गया है।
- न्यूनतम पेंशन: पेंशनर्स की तरफ से न्यूनतम पेंशन ₹45,000 करने की मांग है। इसके अलावा, कम्यूटेड पेंशन की बहाली की अवधि को 15 साल से घटाकर 10-12 साल करने की मांग भी शामिल है।
- अन्य मांगें: सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6 प्रतिशत करना और HRA (आवास भत्ता) के स्लैब में सुधार करना।
5. रिपोर्ट कब आएगी और सैलरी कब बढ़ेगी?
- रिपोर्ट की संभावित अवधि: आयोग को 18 महीने के भीतर रिपोर्ट देनी है, जिसके आधार पर मई 2027 के आसपास रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
- सैलरी मिलने की प्रक्रिया: रिपोर्ट आने के बाद सरकार उसकी समीक्षा करेगी, कैबिनेट की मंजूरी मिलेगी और फिर अधिसूचना जारी होगी। इस पूरी प्रक्रिया के बाद संशोधित वेतन 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक वास्तविक रूप में मिल सकता है।
- एरियर (Arrear) की संभावना: यदि सरकार सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानती है, तो प्रक्रिया में देरी होने के बावजूद उस तारीख से कर्मचारियों का एरियर बनने की पूरी संभावना रहेगी।
6. निष्कर्ष:
फिलहाल नया फिटमेंट फैक्टर, नया पे मैट्रिक्स, न्यूनतम बेसिक पे या सैलरी बढ़ने की निश्चित तारीख तय नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर चल रहे कैलकुलेटर और दावे सिर्फ अनुमान हैं। कर्मचारियों को अपुष्ट खबरों से बचते हुए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (8cpc.gov.in) और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों पर ही भरोसा करना चाहिए।
नोट: इस लेख में दिए गए वेतन आंकड़े और भविष्य की तिथियां वर्तमान परामर्श चरणों और मांगों पर आधारित हैं; अंतिम निर्णय सरकार की स्वीकृति के बाद ही मान्य होगा।

