लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी जनगणना कार्य में शिक्षकों की व्यापक स्तर पर तैनाती को देखते हुए एनआईओएस (NIOS) के ब्रिज कोर्स कार्यक्रम की तिथियों में बदलाव की मांग उठने लगी है। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) ने इस संबंध में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के निदेशक को पत्र भेजकर ब्रिज कोर्स के तहत प्रस्तावित 'स्कूल एक्सपीरियंस प्रोग्राम' को आगे बढ़ाने का औपचारिक अनुरोध किया है।
संगठन के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 1 दिसंबर 2026 से जनगणना का कार्य प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व को पूरा करने के लिए प्रदेश भर से बड़ी संख्या में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जनगणना की समय-सारणी और एनआईओएस ब्रिज कोर्स के कार्यक्रम एक ही समय पर पड़ने से शिक्षकों के समक्ष व्यावहारिक संकट खड़ा हो गया है।
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अंकुर त्रिपाठी ‘विमुक्त’ तथा प्रदेश मीडिया प्रभारी हेमंत कुमार सक्सेना ने बताया कि दोनों दायित्वों का समय एक साथ टकराने से शिक्षकों के लिए एक ही समय में दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित रह पाना संभव नहीं होगा। इसलिए संगठन ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि ब्रिज कोर्स के अंतर्गत निर्धारित 20-दिवसीय 'स्कूल एक्सपीरियंस प्रोग्राम' को 10 जनवरी 2027 के बाद आयोजित कराया जाए।
शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना है कि कार्यक्रम की तिथियों को जनवरी मध्य तक स्थानांतरित करने से शिक्षक जनगणना जैसे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले राष्ट्रीय दायित्व को बिना किसी बाधा के पूरा कर सकेंगे। इसके साथ ही, वे बाद में बिना किसी तनाव के अपने अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी सुचारु रूप से संपन्न कर पाएंगे।


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