लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक दक्षता और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित 'मिशन कर्मयोगी' को लेकर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा प्रदेश के शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 2 ऑनलाइन कोर्स पूरा करना अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में अपर परियोजना निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (बेसिक), जिला विद्यालय निरीक्षकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राज्य में मिशन कर्मयोगी के लक्ष्यों की प्रभावी प्राप्ति के लिए कार्मिक विभाग और डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी लखनऊ द्वारा विभागों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई अधिकारियों और कर्मियों ने निर्धारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम अभी तक शुरू नहीं किए हैं अथवा उनके कोर्स अधूरे पड़े हैं।
अधूरे कोर्स प्राथमिकता के आधार पर पूरे करने के आदेश
अपर परियोजना निदेशक द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि विभाग के अधीनस्थ कार्यरत सभी अधिकारी और कार्मिक निर्धारित समय-सीमा के भीतर न्यूनतम 2 कोर्स अनिवार्य रूप से पूरे करें। विशेष रूप से ऐसे कार्मिकों को चिन्हित कर प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने अब तक एक भी कोर्स पूरा नहीं किया है या जिनका प्रशिक्षण बीच में रुका हुआ है।




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