लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के नवचयनित शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि नियुक्ति पत्र पाने वाले किसी भी शिक्षक को जॉइनिंग में तनिक भी समस्या नहीं आनी चाहिए। यदि किसी प्रबंधक या अन्य व्यक्ति द्वारा नवनियुक्त प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता अथवा सहायक अध्यापक से किसी भी प्रकार के लेन-देन या रिश्वत की मांग की गई, तो उसके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई करते हुए सीधे जेल भेजा जाएगा। सरकार की चयन प्रक्रिया पूर्णतः मेरिट और पारदर्शिता पर आधारित रही है, इसलिए नियुक्ति के बाद किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
'मिशन रोजगार' के तहत आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के कुल 3,567 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 2,372 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और 618 प्रवक्ता (पीजीटी) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज के सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक और आने वाली पीढ़ी के निर्माता होते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और गूगल केवल सूचना उपलब्ध करा सकते हैं, लेकिन विद्यार्थियों में जिज्ञासा जगाने, सही-गलत की पहचान कराने और ज्ञान को सही दिशा देने का कार्य केवल एक शिक्षक ही कर सकता है।
प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र भेजकर विद्यार्थियों की समस्या से अवगत कराया जाए। साथ ही, निर्धारित समयावधि के कारण प्रभावित युवाओं के हित में एक बार विशेष अवसर या व्यवस्था उपलब्ध कराने की संभावना पर विचार करने का आग्रह किया जाए, ताकि वे नियमानुसार आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित हो सकें।
प्रदेश में हुए ढांचागत और प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश की भर्ती व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। आज उत्तर प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। विगत 9 वर्षों में साढ़े 9 लाख से अधिक युवाओं को निष्पक्ष रूप से सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। हाल ही में एक सप्ताह के भीतर 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं और आगामी 6 महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
शिक्षा सुधारों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन कायाकल्प' के जरिए बेसिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का स्तर 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हो गया है। माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए 'प्रोजेक्ट अलंकार' के तहत 2,300 से अधिक स्कूलों में आधुनिक भवन, स्मार्ट क्लास और प्रयोगशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के कल्याण के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई है और 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' के तहत शिक्षकों व उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







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