नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) तथा महंगाई राहत (डीआर) में बढ़ोतरी को लेकर अक्टूबर में अहम फैसला हो सकता है। पूर्व के रुझानों और समय-सारणी को देखते हुए पूरी संभावना है कि केंद्र सरकार त्योहारी सीजन से पहले अक्टूबर में इस पर मुहर लगाएगी। जहां एक ओर केंद्रीय कर्मियों को आधिकारिक ऐलान की प्रतीक्षा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 1 अक्टूबर से बढ़ा हुआ भत्ता लागू होने जा रहा है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने पूर्व में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए और डीआर में 20 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान किया था, जो 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा। इस संशोधन के बाद राज्य कर्मियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता बढ़कर उनके मूल वेतन का कुल 38 प्रतिशत हो जाएगा। राज्य सरकार के इस कदम का सीधा फायदा नियमित कर्मचारियों और पेंशनर्स के अलावा सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, वैधानिक निकायों, सरकारी उपक्रमों, पंचायतों और नगरपालिकाओं सहित अन्य स्थानीय निकायों के कर्मियों को भी मिलेगा।
वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के प्रावधानों के तहत कार्यरत कर्मियों को संशोधित मूल वेतन के आधार पर 38 प्रतिशत डीए दिया जाएगा, जबकि पेंशनभोगियों व पारिवारिक पेंशनभोगियों को इसी दर से महंगाई राहत का भुगतान होगा। इसके अतिरिक्त, जिन कर्मियों का वेतन अब भी पांचवें वेतन आयोग के अधीन है, उनके महंगाई भत्ते को वर्तमान 171 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 223 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसी प्रकार जिन पेंशनर्स की पेंशन का संशोधन आरओपीए-2009 (ROPA-2009) के तहत अब तक नहीं हुआ है, उन्हें भी संशोधित पेंशन अमल में आने तक 223 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भत्ते का निर्धारण केवल संशोधित बेसिक पे और जहां लागू हो, नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) के आधार पर होगा; इसमें किसी अन्य भत्ते को शामिल नहीं किया जाएगा।


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