उत्तर प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और भ्रष्टाचार मुक्त शासन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़े तेवर दिखाए हैं। शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय से चली आ रही अनियमितताओं और नियुक्तियों में अवैध वसूली की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि किसी भी प्रबंधक, अधिकारी या बिचौलिए ने शिक्षक की जॉइनिंग या नियुक्ति के नाम पर एक रुपया भी मांगा या लेन-देन की कोशिश की, तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा और वह जेल की सलाखों के पीछे ही सड़ेगा।
राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में नियुक्तियों को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जा रहा है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जब आयोगों और बोर्ड के जरिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता के आधार पर हो रही है, तो कार्यभार ग्रहण कराने (जॉइनिंग) के स्तर पर किसी भी तरह की वसूली या अड़चन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर अवैध संपत्तियों की जांच व कुर्की भी की जाएगी।
यह चेतावनी विशेष रूप से अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों और उन प्रबंध तंत्रों के लिए है, जहां से चयनित अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण कराने के बदले अवैध मांग की शिकायतें मिलती रही हैं। शासन स्तर से सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभ्यर्थियों की जॉइनिंग तय समय सीमा में बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित कराई जाए। किसी भी स्तर पर मिलीभगत सामने आने पर अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय होगी।


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