लखनऊ। दिसंबर 2026 से शुरू होने वाली जातिगत जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अगर कोई व्यक्ति अपनी जाति की जानकारी नहीं देना चाहता है, तो उसके लिए भी जनगणना के एप में विकल्प उपलब्ध रहेगा।
सरकार की ओर से जनगणना के लिए 40 सवालों की प्रश्नावली तैयार की गई है। इसमें 10वें नंबर पर जाति से संबंधित कॉलम रखा गया है। जाति दर्ज करने के लिए उपजाति का अलग विकल्प नहीं दिया गया है। व्यक्ति अपनी जाति के बारे में जो जानकारी देगा, जनगणनाकर्मी उसे उसी के अनुसार दर्ज करेंगे।
इस बार भी नागरिकों को स्वगणना (Self-Enumeration) की सुविधा दी जाएगी। इसके तहत लोग 16 से 30 नवंबर के बीच अपनी जनगणना स्वयं कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर गणना की जाएगी।
जनगणना की प्रक्रिया 5 जनवरी 2027 तक चलेगी। इसके बाद 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।
जनगणना की तैयारियों के लिए प्रशिक्षण भी शुरू हो चुका है। जानकारी के अनुसार 305 मास्टर ट्रेनरों ने 7,500 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया है। पूरी जनगणना प्रक्रिया के लिए करीब 5.63 लाख गणना कर्मियों को लगाया जाएगा।
इस तरह जाति से जुड़ी जानकारी देने के मामले में नागरिकों को विकल्प उपलब्ध रहेगा और जनगणना की प्रक्रिया स्वगणना तथा गणना कर्मियों के माध्यम से पूरी की जाएगी।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म