प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय बकाया और 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मियों के नियमितीकरण से जुड़े अहम मामले में न्यायालय ने अगली सुनवाई की तिथि 27 अक्टूबर 2026 तय की है। अदालत के सख्त रुख के बाद लंबे समय से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों की निगाहें अब 27 अक्टूबर की सुनवाई पर टिक गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, न्यायालय ने पूर्व में दिए गए आदेश के अनुपालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी 27 अक्टूबर तक सरकार और संबंधित विभाग द्वारा पूर्व आदेश का समुचित अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जाता है, तो मामले के दोनों प्रतिवादियों को न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
मामले से जुड़े विधिक जानकारों और अनुदेशक संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि 27 अक्टूबर की तारीख इस पूरे प्रकरण में बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। इस दिन अनुदेशकों के वर्षों से लंबित बकाया मानदेय के भुगतान के साथ-साथ 10 वर्ष का सेवाकाल पूरा कर चुके अनुदेशकों के स्थायीकरण (नियमितीकरण) से संबंधित विषय पर भी राज्य सरकार के अनुपालन की स्थिति और कोर्ट के फैसले की रूपरेखा स्पष्ट होने की पूरी संभावना है।
लगातार कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक उपेक्षा का सामना कर रहे अनुदेशकों में इस तारीख को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, जानकारों का मानना है कि राहत की अंतिम स्थिति पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार की ओर से न्यायालय में क्या अनुपालन आख्या प्रस्तुत की जाती है और अदालत उस पर क्या रुख अपनाती है।


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