उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों और सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों (जू०हा०) के शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कर्मचारियों के 'टियर-1' खाते में सरकारी अंशदान जमा करने हेतु शासन ने 1,65,000 लाख रुपये (16 अरब 50 करोड़ रुपये) की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस आशय का शासनादेश विशेष सचिव, अवधेश कुमार तिवारी द्वारा सोमवार को जारी किया गया।
कुल 3300 करोड़ रुपये का है वार्षिक बजट
शासन के पत्र के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान संख्या-71 के अंतर्गत टियर-1 खाते में सरकारी अंशदान के लिए कुल 3,30,000 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था।
- प्रथम किस्त: इसमें से प्रथम 6 माह के लिए 1,65,000 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति पूर्व में 10 अप्रैल 2026 को ही जारी की जा चुकी थी।
- द्वितीय किस्त: अब वित्त नियंत्रक, बेसिक शिक्षा परिषद के 15 जुलाई 2026 के अनुरोध पर, द्वितीय 6 माह के लिए शेष 1,65,000 लाख रुपये (1650 करोड़ रुपये) की स्वीकृति भी श्री राज्यपाल द्वारा प्रदान कर दी गई है।
धनराशि के उपयोग पर शासन की सख्त शर्तें
विशेष सचिव ने वित्तीय स्वीकृति के साथ-साथ कड़े निर्देश और शर्तें भी लागू की हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा:
- निर्धारित प्रयोजन: अवमुक्त की जा रही धनराशि का उपयोग केवल उसी कार्य के लिए किया जाएगा, जिसके लिए यह जारी की गई है।
- उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC): अगली बार वित्तीय स्वीकृति मांगने से पहले, वर्तमान में खर्च की गई धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से शासन को उपलब्ध कराना होगा।
- आवश्यकतानुसार आहरण: आवंटित धनराशि का आहरण वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही किया जाएगा। धनराशि का उपभोग इसी चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) में ही करना होगा।
- कड़ी जवाबदेही: वित्तीय व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा। किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी स्वयं इसके लिए जिम्मेदार होंगे।



