लखनऊ। समग्र शिक्षा के तहत संचालित योजनाओं और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की अब विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके लिए स्कूलों में विभिन्न योजनाओं की स्थिति और व्यवस्थाओं की जानकारी 13 प्रमुख बिंदुओं पर दर्ज की जाएगी।
समीक्षा की शुरुआत जनपद, विद्यालय का नाम और छात्र-छात्राओं के नामांकन की जानकारी से होगी। इसके बाद विद्यालय भवन, विद्युतीकरण, शौचालय, पेयजल और जरूरी मरम्मत कार्यों की स्थिति की जांच की जाएगी।
इसके अलावा विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकों के वितरण और पीएम पोषण योजना के तहत निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन मिलने की स्थिति भी देखी जाएगी। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) की बैठकों का शासनादेश के अनुसार आयोजन हो रहा है या नहीं, इसकी भी जानकारी ली जाएगी।
डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई धनराशि और पात्र बच्चों को इसका लाभ मिलने की स्थिति भी रिपोर्ट में दर्ज की जाएगी।
समीक्षा में स्कूल परिसर की साफ-सफाई, दिव्यांग बच्चों के लिए सुविधाएं, बाल वाटिका का संचालन, पुस्तकालय की उपयोगिता और खेल सामग्री के इस्तेमाल पर भी फोकस रहेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों की उपस्थिति और अन्य शैक्षिक व्यवस्थाओं की स्थिति भी दर्ज की जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य समग्र शिक्षा के तहत संचालित योजनाओं का वास्तविक लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाना और विद्यालयों में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना है।



