फर्रुखाबाद। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बिना अनुमति पहुंचकर खुद को पत्रकार या मीडियाकर्मी बताने वाले लोगों को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को ऐसे मामलों में विशेष सावधानी बरतने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पत्रकार या मीडियाकर्मी बताकर विद्यालय में पहुंचता है तो सबसे पहले उसकी पहचान की जांच की जाए। संबंधित व्यक्ति से जिला सूचना अधिकारी द्वारा जारी परिचय पत्र दिखाने को कहा जाएगा। बिना सत्यापन किसी भी बाहरी व्यक्ति को विद्यालय की गतिविधियों, बच्चों या विभागीय अभिलेखों तक पहुंच नहीं दी जानी चाहिए।
निर्देशों के अनुसार विद्यालय में आने वाले ऐसे व्यक्तियों को बच्चों की फोटो खींचने तथा विद्यालय के अभिलेखों की तस्वीर लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि परिचय पत्र की जांच के बाद संबंधित व्यक्ति को सूचना उपलब्ध कराई जाती है, तब भी अभिलेखों की फोटो खींचने पर रोक रहेगी। विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में बच्चों की गोपनीयता बनाए रखने के साथ-साथ विभागीय अभिलेखों और सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बीएसए ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति पत्रकार या मीडियाकर्मी होने का दावा करता है, लेकिन जिला सूचना अधिकारी द्वारा जारी परिचय पत्र प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसे शालीनतापूर्वक विद्यालय से बाहर जाने के लिए कहा जाए। ऐसे व्यक्ति को न तो विद्यालय के अभिलेख दिखाए जाएंगे और न ही विभागीय जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
यदि कोई व्यक्ति बिना अधिकृत पहचान के विद्यालय में पहुंचकर जानकारी या अभिलेख मांगता है, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को देने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए ने कहा है कि मामले की परिस्थितियों के आधार पर संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी निर्धारित की जा सकती है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी परिषदीय विद्यालयों में इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, शिक्षा निदेशक सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।
विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को लेकर जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि पत्रकार या मीडियाकर्मी के रूप में आने वाले व्यक्ति की पहचान की जांच की जाए। जिला सूचना अधिकारी द्वारा जारी परिचय पत्र देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। बिना अधिकृत पहचान के किसी व्यक्ति को विभागीय सूचना या अभिलेख न दिखाए जाएं। विद्यालय के अभिलेखों और बच्चों की फोटो खींचने के मामले में भी विशेष सावधानी बरती जाए। बिना परिचय पत्र आने वाले व्यक्ति को शालीनतापूर्वक विद्यालय से बाहर जाने के लिए कहा जाए और ऐसे मामले की तत्काल सूचना संबंधित बीईओ को दी जाए।
बीएसए के इन निर्देशों के बाद विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश और विभागीय सूचनाओं को लेकर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। विद्यालय प्रशासन को अब किसी भी बाहरी व्यक्ति के साथ बातचीत और सूचना साझा करने से पहले उसकी पहचान एवं अधिकृत स्थिति की जांच करनी होगी।


