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पति-पत्नी के सरकारी सेवा में होने पर किसे मिलेगा HRA भत्ता? सरकार ने राज्य सभा में दिया यह जवाब

Sir Ji Ki Pathshala

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के मकान किराया भत्ता (HRA) से जुड़े नियमों पर राज्यसभा में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं, एक ही स्थान पर कार्यरत हैं और उनमें से किसी एक को सरकारी आवास आवंटित किया गया है, तो दूसरे कर्मचारी को HRA का लाभ नहीं मिलेगा।

यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में पूछे गए एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी गई।

सरकार ने क्या कहा?

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार उन कर्मचारियों को HRA देती है, जिन्हें सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता। लेकिन यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं और परिवार को एक सरकारी आवास उपलब्ध कराया जा चुका है, तो यह माना जाता है कि परिवार के लिए आवास की व्यवस्था हो चुकी है। ऐसे में दूसरे कर्मचारी को मकान किराया भत्ता देय नहीं होगा।

क्या नियम में बदलाव होगा?

राज्यसभा में सरकार से यह भी पूछा गया कि क्या इस नीति की समीक्षा कर इसे अधिक व्यावहारिक बनाने पर विचार किया जा रहा है। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि:

  • इस विषय पर कोई अभ्यावेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
  • HRA नियमों में बदलाव का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
  • इसलिए मौजूदा व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी।

मुख्य बातें (Key Highlights):

  • पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर नियम: यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं, एक ही स्थान पर तैनात हैं और उनमें से किसी एक को सरकारी आवास आवंटित किया गया है, तो परिवार को सरकारी आवास उपलब्ध माना जाता है।
  • HRA की देयता: चूंकि दूसरे पति/पत्नी द्वारा आवास पर कोई व्यय नहीं किया जा रहा है, इसलिए उन्हें मकान किराया भत्ता (HRA) देय नहीं होता है।
  • कर्मचारियों के संघों से अपील: सरकार को इस नीति पर पुनर्विचार करने के लिए कर्मचारियों या उनके सेवा संघों से कोई अभ्यावेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
  • समीक्षा का प्रस्ताव: वर्तमान में सरकार इस नीति की समीक्षा करने का कोई प्रस्ताव नहीं रखती है।

HRA नीति के पीछे का कारण

​वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों को मकान किराया भत्ता (HRA) दिया जाता है जिन्हें सरकारी आवास उपलब्ध नहीं कराया जाता है और उन्हें किराए के मकान पर रहने के लिए खर्च करना पड़ता है। यदि दंपती में से किसी एक को सरकारी आवास मिल चुका है, तो दूसरे को अलग से HRA का लाभ नहीं मिलता है।

राज्यसभा में सरकारी कर्मचारियों के HRA नियम पर केंद्र सरकार का जवाब