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बाराबंकी BSA का बड़ा आदेश: स्कूलों में सफाई, मिड-डे मील और मोबाइल पर सख्ती

Sir Ji Ki Pathshala

बाराबंकी: जिले के सरकारी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश भारतीय किसान यूनियन द्वारा विद्यालयों में साफ-सफाई, मिड-डे मील, शिक्षकों की उपस्थिति, जर्जर भवनों और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर उठाए गए मुद्दों के बाद जारी किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।

बीएसए के निर्देशों के अनुसार सभी विद्यालयों में साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। बरसात के मौसम को देखते हुए विद्यालय परिसर, कक्षाओं और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ जलभराव और गंदगी को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की संक्रामक बीमारी का खतरा न हो। यदि किसी विद्यालय में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी एवं जिम्मेदार कर्मचारी उत्तरदायी होंगे।

मिड-डे मील व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सभी विद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही भोजन तैयार और वितरित किया जाएगा। विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार दूध एवं फल उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। खाद्यान्न के उपयोग में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भोजन की गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापक एवं जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शिक्षकों द्वारा कक्षा के दौरान मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग पर भी रोक लगाई गई है। निरीक्षण के दौरान यदि कोई शिक्षक पढ़ाई के समय मोबाइल का उपयोग करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने कहा है कि शिक्षण अवधि का पूरा समय विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए समर्पित होना चाहिए।

आदेश में कुछ चिन्हित विद्यालयों की विशेष जांच कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। इन विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कमियों को तत्काल दूर किया जाएगा। इसके अलावा जिन क्षेत्रों के विद्यालयों में बंदरों का आतंक है, वहां बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन, वन विभाग एवं ग्राम पंचायत के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिले के जर्जर विद्यालय भवनों को लेकर भी बीएसए ने गंभीर रुख अपनाया है। जिन भवनों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को खतरा है, उनका चिन्हीकरण कर नियमानुसार ध्वस्तीकरण अथवा नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना समाप्त की जा सके।

आदेश की मुख्य बातें

  • विद्यालयों एवं शौचालयों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश।
  • बरसात में जलभराव और गंदगी रोकने पर विशेष जोर।
  • मिड-डे मील निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही वितरित होगा।
  • विद्यार्थियों को दूध एवं फल का वितरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।
  • खाद्यान्न या मिड-डे मील में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई होगी।
  • शिक्षण अवधि में शिक्षकों के अनावश्यक मोबाइल उपयोग पर रोक।
  • चिन्हित विद्यालयों की विशेष जांच कर कमियां दूर करने के निर्देश।
  • बंदरों से प्रभावित विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के लिए संबंधित विभागों से समन्वय।
  • जर्जर विद्यालय भवनों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार कार्रवाई।
  • सभी बीईओ को एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेजनी होगी।

बीएसए के इस आदेश के बाद जिले के सरकारी विद्यालयों में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, शिक्षण व्यवस्था और छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की निगरानी और अधिक सख्त होने की उम्मीद है। निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

बाराबंकी BSA आदेश 2026

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