आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत पात्र परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। इस योजना के जरिए सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज की सुविधा दी जाती है, जिसका लाभ देश भर में लिया जा सकता है।
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य आयुष्मान कार्ड के माध्यम से इलाज कराने की योजना बना रहा है, तो अस्पताल जाने से पहले कुछ अहम बातों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है।
1. पहले जांचें - अस्पताल आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध है अथवा नहीं
आयुष्मान कार्ड से इलाज का लाभ उठाने के लिए यह अनिवार्य है कि संबंधित अस्पताल प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध (इम्पेनल्ड) हो। घर से निकलने से पहले यह पुष्टि कर लें कि अस्पताल योजना से जुड़ा है और आपकी बीमारी से जुड़ा उपचार पैकेज वहां उपलब्ध है। इस योजना में पोर्टेबिलिटी की सुविधा भी मिलती है, यानी लाभार्थी अपने राज्य के बाहर भी किसी सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं।
2. आयुष्मान कार्ड और पहचान संबंधी दस्तावेज साथ रखें
अस्पताल पहुंचने पर मरीज की पहचान और पात्रता की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसलिए अपने आयुष्मान कार्ड के साथ पहचान पत्र जैसे अन्य वैध दस्तावेज साथ जरूर रखें। हालांकि, आपातकालीन स्थिति में यदि पहचान पत्र तुरंत उपलब्ध न हो, तो भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत इलाज शुरू किया जा सकता है, जिसे बाद में सत्यापित करना होता है।
3. अस्पताल पहुंचकर आयुष्मान हेल्पडेस्क से संपर्क करें
योजना से जुड़े सभी अस्पतालों में मरीजों की सहायता के लिए 'आयुष्मान मित्र' तैनात होते हैं। अस्पताल पहुंचने पर सीधे सामान्य काउंटर पर जाने के बजाय आयुष्मान हेल्पडेस्क या आयुष्मान मित्र से संपर्क करना चाहिए। वे पहचान, भर्ती प्रक्रिया और अन्य कागजी कार्रवाई को पूरा करने में पूरी मदद करते हैं।
4. इलाज किस पैकेज के तहत कवर है, यह स्पष्ट रूप से पूछें
आयुष्मान योजना के अंतर्गत विभिन्न बीमारियों के लिए निश्चित हेल्थ बेनिफिट पैकेज होते हैं। इसलिए अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही यह सुनिश्चित कर लें कि आपका इलाज किस पैकेज के तहत हो रहा है और उसमें कौन-कौन सी चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं। नियमों के मुताबिक, योजना में कवर होने वाले उपचार के लिए अस्पताल मरीजों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकता है।
पांच लाख के कवर से जुड़ी जरूरी बात
आयुष्मान कार्ड पर पांच लाख रुपये तक के वार्षिक कवर का मतलब यह कतई नहीं है कि अस्पताल में हर प्रकार का इलाज स्वतः ही पूरी तरह मुफ्त हो जाएगा। योजना का लाभ निर्धारित उपचार पैकेजों और नियमों के अधीन ही मिलता है। इलाज के दौरान मिलने वाले सभी कागजात, जांच रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी को सुरक्षित संभालकर रखें। यदि किसी प्रकार की असुविधा या अतिरिक्त पैसे मांगने की शिकायत हो, तो योजना की आधिकारिक निवारण प्रणाली या हेल्पडेस्क से संपर्क किया जा सकता है।
निष्कर्ष: आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने से पहले अस्पताल की सूचीबद्धता, पहचान सत्यापन, आयुष्मान हेल्पडेस्क और उपचार पैकेज की जानकारी जरूर जांच लें। सही जानकारी होने से अस्पताल की प्रक्रिया को समझने और अनावश्यक परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है [cite: निष्कर्ष: आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने से पहले अस्पताल की सूचीबद्धता, पहचान सत्यापन, आयुष्मान हेल्पडेस्क और उपचार पैकेज की जानकारी जरूर जांच लें। सही जानकारी होने से अस्पताल की प्रक्रिया को समझने और अनावश्यक परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।]।


