उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए संशोधनों के तहत अब केवल ट्रस्ट, समिति या 'नॉट फॉर प्रॉफिट' कंपनियां ही नहीं, बल्कि सांविधिक निकाय, स्वायत्तशासी संस्थाएं, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) और स्थानीय निकाय भी विद्यालय स्थापित कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार ओएनजीसी, बीएचईएल, गेल, एनटीपीसी, भारतीय डाक विभाग, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, नगर निगम और नगर पालिका जैसी सरकारी संस्थाएं भी यूपी बोर्ड से विद्यालय की मान्यता प्राप्त कर सकेंगी।
इसके अलावा मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल अब पूरे वर्ष खुला रहेगा। पहले लागू ₹20,000 का विलंब शुल्क भी समाप्त कर दिया गया है। वहीं, 30 वर्ष की रजिस्टर्ड लीज डीड पर भी विद्यालयों को मान्यता मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
यूपी बोर्ड का मानना है कि इन बदलावों से प्रदेश में नए विद्यालयों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और मान्यता प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी होगी।


