उत्तर प्रदेश सरकार 26 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की औपचारिक शुरुआत करने जा रही है। इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर योजना का एक साथ शुभारंभ किया जाएगा।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी संबंधित अधिकारियों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों और नामित नोडल प्राचार्यों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम की तैयारियां समय रहते पूरी कर लें।
सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक शिक्षकों को इस योजना का लाभ उपलब्ध कराना है। इसलिए प्रत्येक जिले में सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला स्तरीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में 20-20 चयनित लाभार्थियों को मंच से कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए जाएंगे। इसके माध्यम से शिक्षकों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें इलाज के दौरान आर्थिक राहत मिल सकेगी।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अलावा जनगणना-2027, गोसंरक्षण, उर्वरकों की उपलब्धता, छात्रवृत्ति योजनाओं तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को मजबूत करेगी और उन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं बिना तत्काल आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


