लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए प्रस्तावित विशेष शिक्षक आर्हता परीक्षा (Special TET) को लेकर अब शिक्षामित्रों की ओर से भी बड़ी मांग उठाई गई है। प्रदेश के शिक्षामित्रों का कहना है कि उन्हें भी इस विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर दिया जाए, ताकि भविष्य में शिक्षक पद पर कार्य करने की स्थिति में किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो।
उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ का कहना है कि शिक्षामित्र लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में यदि सरकार सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित करती है तो शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखना उचित नहीं होगा। संघ ने सरकार से मांग की है कि विशेष टीईटी के लिए बनने वाले नियमों में शिक्षामित्रों को भी पात्र बनाया जाए।
शिक्षामित्रों का कहना है कि विशेष टीईटी में भाग लेने का अवसर मिलने से उनकी योग्यता का भी आकलन होगा और भविष्य में शिक्षक पद से संबंधित किसी भी प्रक्रिया में उन्हें कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था को भी प्रशिक्षित और अनुभवी शिक्षकों का लाभ मिलेगा।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने शनिवार को प्रदेश के सभी जिलों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार इन सभाओं में दिवंगत शिक्षामित्र साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल किए जाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
शिक्षामित्रों का कहना है कि सरकार को उनके वर्षों के अनुभव और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को ध्यान में रखते हुए विशेष टीईटी में शामिल होने का अवसर प्रदान करना चाहिए। अब इस मांग पर सरकार क्या निर्णय लेती है, इस पर प्रदेशभर के लाखों शिक्षामित्रों की नजरें टिकी हुई हैं।


