नई दिल्ली। आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तेजी से नजदीक आ रही है। ऐसे में कर विशेषज्ञों ने सभी करदाताओं को समय रहते अपना आयकर रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी है। अंतिम समय तक इंतजार करने पर तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और समयसीमा चूकने पर जुर्माना भी देना होगा।
जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई 2026 तक देशभर में 3 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर रिटर्न भरने से न केवल जुर्माने से बचा जा सकता है, बल्कि करदाताओं को अन्य कर लाभ भी मिलते हैं।
देरी करने पर कितना लगेगा जुर्माना?
आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, यदि निर्धारित समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल किया जाता है तो आय के आधार पर विलंब शुल्क देना होगा—
- कुल आय ₹5 लाख तक: ₹1,000 विलंब शुल्क।
- कुल आय ₹5 लाख से अधिक: ₹5,000 तक विलंब शुल्क।
कर विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सभी पात्र करदाता अंतिम तिथि से पहले अपना ITR दाखिल कर दें, ताकि अनावश्यक जुर्माने और अन्य परेशानियों से बचा जा सके।


