उत्तर प्रदेश के महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से पीएम श्री (PM SHRI) कम्पोजिट विद्यालयों में पर्यावरण संबंधी छठे इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र के आयोजन को लेकर सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। यह ऑनलाइन जागरूकता सत्र 28 जुलाई 2026 को प्रातः 11:00 बजे स्मार्ट क्लास के माध्यम से आयोजित किया जाएगा।
पहले भी आयोजित हो चुके हैं पांच सत्र
कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इससे पहले पर्यावरण विषय पर पांच ऑनलाइन इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। अब छठे सत्र का आयोजन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा, जिसमें सभी पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालयों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
इन विषयों पर होगी विशेष चर्चा
जागरूकता सत्र में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। प्रमुख विषय इस प्रकार हैं—
- पर्यावरण एवं विद्यालय की भूमिका
- जलवायु परिवर्तन और उसका प्रभाव
- जल संरक्षण एवं जल संसाधनों का महत्व
- जल, वायु एवं ध्वनि प्रदूषण
- ऊर्जा संरक्षण
- कचरा प्रबंधन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक
- 4R's (Reduce, Reuse, Recycle, Recover) आधारित सतत जीवनशैली
विशेषज्ञ के रूप में डॉ. अनीता भटनागर जैन (सेवानिवृत्त आईएफएस) विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगी तथा विभिन्न गतिविधियों और प्रश्नों के माध्यम से उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
विद्यालयों के लिए जारी महत्वपूर्ण निर्देश
राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी विद्यालयों को निम्न निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है—
- विद्यालय के डिवाइस पर विद्यालय का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रहे।
- शिक्षक इस प्रकार व्यवस्था करें कि स्क्रीन सभी विद्यार्थियों को स्पष्ट दिखाई दे।
- अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
- संभव हो तो कक्षा 6 से 8 तक के सभी विद्यार्थियों को एक स्थान पर बैठाकर सत्र में शामिल कराया जाए।
- कार्यक्रम के दौरान डिवाइस म्यूट रखें तथा केवल प्रश्न पूछे जाने पर ही संबंधित विद्यालय अपना माइक्रोफोन चालू करे।
ऑनलाइन सत्र का विवरण
- तिथि: 28 जुलाई 2026
- समय: प्रातः 11:00 बजे
- माध्यम: Zoom Meeting
- प्रतिभागी: सभी पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय
उद्देश्य
इस इंटरैक्टिव सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जल एवं ऊर्जा संरक्षण, कचरा प्रबंधन तथा सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि वे पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।



