उत्तर प्रदेश के महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए समग्र प्रगति पत्र (Holistic Progress Card - HPC) के मुद्रण एवं वितरण के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार किए गए इस प्रगति पत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों के केवल परीक्षा परिणाम ही नहीं, बल्कि उनके संपूर्ण व्यक्तित्व और सीखने की प्रगति का समग्र मूल्यांकन करना है।
इस आदेश के अनुसार पीएम श्री विद्यालयों को छोड़कर सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए समग्र प्रगति पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार रिपोर्ट कार्ड का मुद्रण कराया जाएगा, जिससे प्रत्येक छात्र-छात्रा को समय पर समग्र प्रगति पत्र उपलब्ध हो सके।
राज्य परियोजना कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि समग्र प्रगति पत्र का मुद्रण विद्यालय स्तर पर स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के माध्यम से कराया जाएगा। प्रत्येक रिपोर्ट कार्ड के मुद्रण के लिए ₹5 प्रति कार्ड की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्रगति पत्र रंगीन (Colored) एवं उच्च गुणवत्ता वाले कागज पर मुद्रित किए जाएं तथा अगस्त 2026 तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
समग्र प्रगति पत्र में विद्यार्थियों का मूल्यांकन वर्ष में दो बार किया जाएगा। प्रथम मूल्यांकन का विवरण सितंबर माह के अंत तक तथा द्वितीय मूल्यांकन का विवरण मार्च माह के अंत तक दर्ज किया जाएगा। इससे पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का नियमित एवं प्रभावी आकलन संभव हो सकेगा।
इस होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास, भाषा एवं गणितीय दक्षता, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास, नैतिक मूल्य, शारीरिक विकास, कला एवं रचनात्मक गतिविधियों, जीवन कौशल, उपस्थिति, स्वास्थ्य तथा अभिभावकों की सहभागिता जैसे विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है। साथ ही शिक्षक की टिप्पणियाँ और अभिभावकों की प्रतिक्रिया भी इसमें दर्ज की जाएगी, जिससे विद्यार्थी के समग्र विकास का वास्तविक आकलन किया जा सके।
मुख्य बातें
- कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए समग्र प्रगति पत्र लागू।
- पीएम श्री विद्यालयों को इस व्यवस्था से अलग रखा गया है।
- मुद्रण कार्य विद्यालय स्तर पर एसएमसी के माध्यम से कराया जाएगा।
- प्रत्येक रिपोर्ट कार्ड के लिए ₹5 की स्वीकृत धनराशि।
- रंगीन एवं उच्च गुणवत्ता वाले प्रगति पत्र छपवाने के निर्देश।
- अगस्त 2026 तक मुद्रण कार्य पूरा करना होगा।
- सितंबर और मार्च में वर्ष में दो बार विद्यार्थियों का मूल्यांकन होगा।
- रिपोर्ट कार्ड में शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ व्यवहार, जीवन कौशल, स्वास्थ्य, उपस्थिति और अभिभावक की प्रतिक्रिया भी शामिल होगी।
समग्र शिक्षा के अंतर्गत लागू किया गया Holistic Progress Card विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालयों को विद्यार्थियों की वास्तविक सीखने की प्रगति का व्यापक आकलन करने में सहायता मिलेगी तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को भी बल मिलेगा।


