उत्तर प्रदेश में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग कर रहे शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने ऐसे शिक्षकों का डेटा एकत्र करने का अभियान प्रारंभ किया है, जो वर्तमान में अपने गृह जनपद से बाहर कार्यरत हैं। इस पहल का उद्देश्य वास्तविक आंकड़ों के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन के समक्ष अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने प्रदेश के सभी ब्लॉक अध्यक्षों से अपने-अपने विकास खंड में कार्यरत ऐसे शिक्षकों की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, जिनकी तैनाती उनके गृह जनपद से बाहर है। संघ का मानना है कि सटीक और प्रमाणिक आंकड़ों के माध्यम से शिक्षकों की वास्तविक स्थिति शासन तक पहुंचाई जा सकेगी।
संघ के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य यह पता लगाना है कि प्रदेश में कुल कितने शिक्षक अपने गृह जनपद से दूर रहकर सेवाएं दे रहे हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक वर्षों से परिवार से दूर कार्यरत हैं, जिससे उन्हें सामाजिक, पारिवारिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वास्तविक आंकड़े तैयार होने से इस समस्या की गंभीरता को शासन के समक्ष मजबूती से रखा जा सकेगा।
डेटा संकलित होने के बाद उत्तर प्रदेश शासन के समक्ष अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रभावी मांग रखी जाएगी। शिक्षक संघ का कहना है कि वास्तविक आंकड़ों के आधार पर संघर्ष को नई दिशा और मजबूती मिलेगी, जिससे अधिक से अधिक शिक्षकों को उनके गृह जनपद में स्थानांतरण का अवसर दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
संघ ने सभी ब्लॉक अध्यक्षों एवं शिक्षकों से समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि पूरे प्रदेश का सटीक डेटा तैयार किया जा सके। शिक्षक संघ का विश्वास है कि सभी शिक्षकों के सहयोग और एकजुट प्रयास से यह अभियान सफल होगा और अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को अपेक्षित गति मिलेगी।
शिक्षक संघ ने अपने संदेश में कहा है कि संगठित प्रयास ही सफलता की कुंजी है। यदि सभी शिक्षक इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं, तो आने वाले समय में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


