लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा अभियान ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए FLN (Foundational Literacy & Numeracy) तथा NCERT की नई पाठ्यपुस्तकों पर आधारित 5 दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। राज्य परियोजना निदेशक द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह प्रशिक्षण परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों को चरणबद्ध तरीके से ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) पर दिया जाएगा।
जुलाई से सितंबर तक चलेगा प्रशिक्षण अभियान
विभागीय निर्देशों के अनुसार पहले चरण में विभिन्न जनपदों के मास्टर ट्रेनर्स (संदर्भदाताओं) का प्रशिक्षण पूरा कराया जाएगा। इसके बाद जुलाई के दूसरे सप्ताह से सितंबर 2026 तक ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित होगा। प्रत्येक प्रशिक्षण बैच में लगभग 50 प्रतिभागियों को शामिल किया जाएगा ताकि प्रशिक्षण प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
इन विषयों पर दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कक्षा-शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाना और नई NCERT पुस्तकों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को निम्न प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा—
- FLN लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रभावी तरीके
- NCERT की नई पाठ्यपुस्तकों का उपयोग
- प्रभावी कक्षा-शिक्षण के 10 प्रमुख बिंदु
- Catch-up Teaching
- पढ़ने की संस्कृति (Reading Culture) को बढ़ावा
- गतिविधि आधारित शिक्षण
- उपचारात्मक (Remedial) शिक्षण
- सतत मूल्यांकन एवं सीखने के आकलन की प्रक्रिया
प्रशिक्षण के पहले दिन प्री-टेस्ट तथा अंतिम दिन पोस्ट-टेस्ट आयोजित किया जाएगा, जिससे शिक्षकों की सीखने की प्रगति का मूल्यांकन किया जा सके।
प्रशिक्षण केंद्रों पर होंगी आधुनिक सुविधाएं
राज्य परियोजना कार्यालय ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र पर निम्नलिखित व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं—
- प्रोजेक्टर एवं स्क्रीन
- कंप्यूटर/लैपटॉप
- हाई-स्पीड इंटरनेट
- कैमरा एवं साउंड सिस्टम
- माइक्रोफोन
- स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय
- पर्याप्त बैठने की व्यवस्था
- प्रशिक्षण सामग्री एवं स्टेशनरी
प्रशिक्षण के दौरान उच्च गुणवत्ता वाले फोटो एवं वीडियो भी राज्य परियोजना कार्यालय को भेजे जाएंगे तथा पूरे कार्यक्रम की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी।
उपस्थिति और गुणवत्ता की होगी सख्त निगरानी
खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को प्रशिक्षण में शिक्षकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जिला, मंडल एवं राज्य स्तर के अधिकारी समय-समय पर प्रशिक्षण का निरीक्षण करेंगे। ऑनलाइन मॉनिटरिंग के माध्यम से भी प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाएगी।
शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण भत्ता
विभाग द्वारा जारी वित्तीय प्रावधानों के अनुसार प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाले प्रत्येक शिक्षक एवं शिक्षामित्र को 5 दिनों के लिए ₹200 प्रतिदिन की दर से कुल ₹1000 जलपान एवं भोजन मद में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण सामग्री, फोटोकॉपी, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए अलग से बजट स्वीकृत किया गया है।
सभी जनपदों के लिए जारी किया गया बजट
राज्य परियोजना कार्यालय ने प्रशिक्षण संचालन, DIET स्तर के मास्टर ट्रेनर्स, प्रशिक्षण सामग्री, स्टेशनरी तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए जनपदवार बजट भी स्वीकृत किया है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय में प्रशिक्षण पूरा कराने तथा उसकी रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षण गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
FLN एवं NCERT आधारित यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को मजबूत करने, प्रारंभिक कक्षाओं में भाषा एवं गणितीय दक्षता विकसित करने तथा नई पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि प्रशिक्षण के माध्यम से कक्षा-कक्ष में गुणवत्तापूर्ण एवं बाल-केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा मिले, जिससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में अपेक्षित सुधार हो सके।





