उत्तर प्रदेश के शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने कोविड-19 महामारी के दौरान ड्यूटी करते हुए मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुग्रह धनराशि एवं अन्य अनुमन्य लाभ प्रदान किए जाने में हो रही लापरवाही पर गंभीर नाराजगी जताई है। इस संबंध में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
पत्र में कहा गया है कि शासन द्वारा पहले भी कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि कोविड-19 ड्यूटी के दौरान दिवंगत हुए कर्मचारियों के आश्रितों को नियमानुसार अनुग्रह राशि और अन्य देय लाभ शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं। इसके बावजूद कई जनपदों में नियुक्ति, वेतन भुगतान और अनुग्रह धनराशि से संबंधित मामलों में अनावश्यक विलंब पाया गया है।
शिक्षा निदेशालय द्वारा विभिन्न जनपदों की समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई मामलों में मृतक आश्रितों की नियुक्ति, वेतन भुगतान अथवा अनुग्रह धनराशि के प्रकरण लंबित हैं। कुछ जिलों में नियुक्ति के बाद भी वेतन भुगतान प्रारंभ नहीं किया गया है, जबकि कुछ मामलों में कारण स्पष्ट किए बिना फाइलें लंबित रखी गई हैं।
निर्देश में विशेष रूप से कासगंज, जौनपुर, हरदोई, कानपुर देहात, अमेठी और बांदा सहित कई जनपदों का उल्लेख करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा गया है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि किसी प्रकरण में कोई वास्तविक बाधा हो तो उसका स्पष्ट विवरण शासन को उपलब्ध कराया जाए।
शिक्षा निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान मृत कर्मचारियों के आश्रितों से जुड़े सभी लंबित मामलों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें, आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूरी करें तथा अनुपालन रिपोर्ट तत्काल निदेशालय को भेजें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इस आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी सेवाएं देते हुए जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को शासन द्वारा निर्धारित सभी लाभ समय पर प्राप्त हों और उन्हें अनावश्यक प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।



