क्या इन-सर्विस शिक्षकों के लिए अलग से विभागीय TET कराना यूपी सरकार के लिए बनेगी नई कानूनी मुसीबत?

​UP में सिर्फ इन-सर्विस शिक्षकों के लिए 'विशेष TET' की तैयारी! जानें क्यों शिक्षामित्रों और बेरोजगारों को बाहर रखने पर खड़ा हो सकता है कानूनी विवाद?
क्या इन-सर्विस शिक्षकों के लिए अलग से विभागीय TET कराना यूपी सरकार के लिए बनेगी नई कानूनी मुसीबत?
प्रयागराज। चुनावी साल में उत्तर प्रदेश सरकार प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत (इन-सर्विस) शिक्षकों को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। सरकार सिर्फ सेवारत शिक्षकों के लिए एक 'विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा' (Special TET) आयोजित करने पर विचार कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 और उसके बाद आए हालिया फैसलों के अनुपालन में सरकार यह कदम उठाने जा रही है, जिसमें शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून लागू होने से पहले के शिक्षकों के लिए भी TET अनिवार्य कर दिया गया है। ​हालांकि, सरकार का यह फैसला एक बड़े विवाद और कानूनी लड़ाई को जन्म दे सकता है। केवल सेवारत शिक्षकों के लिए परीक्षा कराने और बेरोजगार युवाओं व शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखने की रणनीति सरकार के लिए गले की फांस बनती नजर आ रही है। ​एनसीटीई (NCTE) की गाइडलाइन बनी सबसे बड़ा रोड़ा ​इस पूरे मामले में सबसे बड़ा पेंच राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के नियम फंसा रहे हैं। NCTE के दिशा-निर्देशों के मुताबिक: ​ समान अवसर का अधिकार: TET परीक्षा उन सभी अभ्यर्थियों के लिए खुली होनी चाहिए जो न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करते हैं। इसे किसी …