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एकल स्कूलों को मिलेंगे नए शिक्षक, 647 विद्यालयों से हटाए जाएंगे 789 'सरप्लस' शिक्षक

Sir Ji Ki Pathshala

गाजीपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और छात्र-शिक्षक अनुपात को दुरुस्त करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। लंबे समय से लटकी शिक्षकों के समायोजन (Adjustment) की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है। विभागीय सत्यापन के बाद गाजीपुर के 647 परिषदीय विद्यालयों में कुल 789 शिक्षक सरप्लस (जरूरत से ज्यादा) पाए गए हैं। अब इन अतिरिक्त शिक्षकों को उन 135 एकल स्कूलों में भेजा जाएगा, जो लंबे समय से केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।

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​इस कदम से जिले के 91 प्राथमिक और 44 उच्च प्राथमिक विद्यालयों की सूरत बदलेगी और वहां न्यूनतम दो शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित हो सकेगी। जिले में वर्तमान में कुल 2,266 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 1,462 प्राथमिक, 350 उच्च प्राथमिक और 454 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं।

​कहाँ कितने शिक्षक मिले अतिरिक्त?

​विभागीय सर्वे से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक स्थिति कुछ इस प्रकार है:

  • प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति: जिले के 523 प्राथमिक स्कूलों में 631 शिक्षक जरूरत से ज्यादा (सरप्लस) पाए गए हैं। वहीं, 91 प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं जो वर्तमान में एकल (सिर्फ 1 शिक्षक वाले) हैं।
  • उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति: यहाँ के 124 स्कूलों में 158 शिक्षक अतिरिक्त पाए गए हैं, जबकि 44 स्कूल एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।

​मंगलवार तक मांगा गया विकल्प, जिला समिति करेगी अंतिम फैसला

​बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) उपासना रानी वर्मा ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जा रहा है। सरप्लस पाए गए शिक्षकों से मंगलवार तक 10 पसंदीदा विद्यालयों का विकल्प लिया जा चुका है।

​"शिक्षकों से विकल्प प्राप्त होने के बाद जिला स्तर पर गठित विशेष समिति अब इस समायोजन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुट गई है। जल्द ही सभी एकल विद्यालयों में नए शिक्षकों की तैनाती कर दी जाएगी।"— बीएसए, गाजीपुर

​क्या है शिक्षक तैनाती का मानक?

​शासन के निर्देशानुसार, स्कूलों में बच्चों की संख्या के आधार पर शिक्षकों की संख्या तय की जाती है। इसके तहत प्राथमिक विद्यालयों में प्रति 30 बच्चों पर और उच्च प्राथमिक में प्रति 35 बच्चों पर 1 शिक्षक का होना अनिवार्य है।

छात्र संख्या के हिसाब से शिक्षकों का गणित:

  • 60 प्राथमिक / 70 उच्च प्राथमिक छात्र: 2 शिक्षक
  • 90 प्राथमिक / 105 उच्च प्राथमिक छात्र: 3 शिक्षक
  • 120 प्राथमिक / 140 उच्च प्राथमिक छात्र: 4 शिक्षक
  • 150 प्राथमिक / 175 उच्च प्राथमिक छात्र: 5 शिक्षक

​समायोजन से क्या बदलेगा?

​लंबे समय से समायोजन न होने के कारण कई स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात बिगड़ चुका था। कहीं बच्चे कम और शिक्षक ज्यादा थे, तो कहीं पूरा स्कूल एक ही मास्टर साहब के भरोसे था। इस नई व्यवस्था से न सिर्फ शिक्षकों का काम संतुलित होगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों के एकल विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी बेहतर और नियमित शिक्षा मिल सकेगी।