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भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) से बचाव हेतु व्यापक कार्ययोजना 2026 के संबंध में आदेश

भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) से निपटने के लिए नई कार्ययोजना जारी। जानें स्कूलों की टाइमिंग और अस्पतालों की तैयारियों के बारे में पूरी जानकारी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 में संभावित भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए राज्य के सभी विभागों के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना और दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में बदलाव की तीव्रता बढ़ रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है।

UP Heat Wave Action Plan 2026 Guidelines

तापमान के चिंताजनक आंकड़े (2021-2025)

​पिछले पाँच वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि प्रदेश में गर्मी का स्तर लगातार बढ़ रहा है:

  • सर्वाधिक गर्म वर्ष: विगत 5 वर्षों में वर्ष 2024 सर्वाधिक गर्म वर्ष रहा है।

  • रिकॉर्ड तापमान: वर्ष 2024 में झांसी में अधिकतम तापमान 49.0°C और प्रयागराज में 48.8°C तक पहुँच गया था।

  • लू के दिनों की संख्या: वर्ष 2024 में प्रदेश में लू के कुल 436 दिन दर्ज किए गए, जिसमें झांसी में सर्वाधिक 25 दिन लू चली।

  • वर्ष 2025 की स्थिति: वर्ष 2025 में भी तापमान बढ़ने की प्रवृत्ति रही, जिसमें बांदा में अधिकतम 46.6°C तापमान दर्ज किया गया।

प्रमुख विभागों हेतु विशेष दिशा-निर्देश

​उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण ने विभिन्न विभागों को उनकी विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी हैं:

शिक्षा विभाग (Education Department)

​छात्रों को लू से बचाने के लिए निम्नलिखित कदम अनिवार्य किए गए हैं:

  • ​विद्यालयों के समय (Timing) में परिवर्तन किया जाएगा।

  • ​सभी संस्थानों में शुद्ध पेयजल (RO Water) और क्लास रूम में पंखों व कूलर की क्रियाशील व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

  • ​विद्यार्थियों के लिए आउटडोर शारीरिक गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।

  • ​मिड-डे-मील (MDM) के भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग

  • ​अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों (CHC/PHC) में 'हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट कॉर्नर' स्थापित किए जाएंगे।

  • ​ORS पैकेट, IV फ्लूइड और बर्फ के पैक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

  • ​108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा जाएगा।

नगर विकास एवं श्रम विभाग

  • ​बस स्टैंड, बाजारों और स्लम बस्तियों में पेयजल और शेड्स की व्यवस्था की जाएगी।

  • ​औद्योगिक एवं निर्माण श्रमिकों के लिए कार्य घंटों (Working Hours) में बदलाव किया जाएगा।

  • ​सार्वजनिक स्थानों पर पानी और छाछ की व्यवस्था के साथ-साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

पशुपालन विभाग

  • ​पशुओं के लिए आश्रय स्थलों में पंखे, कूलर और छाया की व्यवस्था की जाएगी।

  • ​हीट स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन के उपचार हेतु मोबाइल पशुचिकित्सा इकाइयां सक्रिय रहेंगी।

नोडल अधिकारियों की भूमिका

​प्रभावी निगरानी के लिए राज्य स्तर पर राहत आयुक्त को 'राज्य हीटवेव नोडल अधिकारी' नामित किया गया है। जिला स्तर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और शहरी स्तर पर अपर नगर आयुक्त लू प्रबंधन की गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होंगे।

​सरकार ने सभी संबंधित विभागों को अपनी विभागीय कार्ययोजना अद्यतन कर तत्काल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।  

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