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​CM योगी का बड़ा ऐलान: शिक्षामित्रों को ₹18,000 और अनुदेशकों को मिलेंगे ₹17,000; वाराणसी से 'स्कूल चलो अभियान' का आगाज

Sir Ji Ki Pathshala
स्कूल चलो अभियान 2026: यूपी में शिक्षा पर ₹80 हजार करोड़ का बजट, हर बच्चे को फ्री यूनिफॉर्म और किताबों की सौगात 

वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी की पावन धरती से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 'स्कूल चलो अभियान' का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल शिक्षा के प्रति सरकार के विजन को साझा किया, बल्कि प्रदेश के हजारों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मानदेय वृद्धि का बड़ा उपहार देकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।

CM Yogi Adityanath starting School Chalo Abhiyan in Varanasi.

मानदेय वृद्धि: इसी महीने से लागू होगी नई दरें

​कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने वाले कर्मियों के लिए ऐतिहासिक घोषणा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि:

  • शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर अब ₹18,000 कर दिया गया है।
  • अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर अब ₹17,000 कर दिया गया है।

​मुख्यमंत्री ने मंच से घोषणा की कि यह बढ़ा हुआ मानदेय इसी महीने से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि उन शिक्षकों और सहायकों के परिश्रम का सम्मान है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की लौ जला रहे हैं।

शिक्षा केवल डिग्री नहीं, राष्ट्र निर्माण का माध्यम

​मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा की परिभाषा को व्यापक रूप देते हुए कहा, "शिक्षा केवल सर्टिफिकेट या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को संस्कारित करने और राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने का एक सशक्त माध्यम है।" उन्होंने जोर दिया कि जब एक बच्चा साक्षर होता है, तो पूरा समाज साक्षर होता है।

2017 से पहले की स्थिति और 'ऑपरेशन कायाकल्प'

​पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले शिक्षा सरकार के एजेंडे में नहीं थी। तब गरीब बच्चों की चिंता के बजाय 'नकल माफियाओं' को संरक्षण दिया जाता था।

​उन्होंने बताया कि आज उत्तर प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा पर ₹80,000 करोड़ से अधिक खर्च कर रही है। 'ऑपरेशन कायाकल्प' की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत से आज सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली है और वे निजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

छात्रों को मिलीं सौगातें, निपुण विद्यार्थियों का सम्मान

​वाराणसी में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने:

  • ​नवीन शैक्षणिक सत्र की पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया।
  • 'निपुण' विद्यालयों और मेधावी छात्रों को प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया।
  • ​बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील वितरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

​मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 'डबल इंजन' की सरकार हर छात्र को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर मुफ्त उपलब्ध करा रही है, ताकि आर्थिक तंगी किसी की पढ़ाई में बाधा न बने।

शिक्षकों से मार्मिक अपील: "अपने बच्चों को वहीं पढ़ाएं"

​मुख्यमंत्री ने उपस्थित शिक्षकों से एक भावुक और प्रेरणादायक अपील की। उन्होंने कहा, "जहां आप पढ़ा रहे हैं, अपने बच्चे को वहीं लेकर जाइए। जब आपका बच्चा वहां पढ़ेगा, तो एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ेगी और स्कूल के प्रति आपका जुड़ाव और अधिक गहरा होगा।"

निष्कर्ष: शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य

​मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें और हर बच्चे को स्कूल लेकर जाएं। सत्र 2026-27 के लिए शत-प्रतिशत नामांकन और ट्रांजिशन सुनिश्चित करना सरकार का प्राथमिक लक्ष्य है। वाराणसी से शुरू हुआ यह 'स्कूल चलो अभियान' पूरे उत्तर प्रदेश को साक्षर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।

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