प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने बहुप्रतीक्षित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार आयोग ने न केवल आवेदन की तकनीकी प्रक्रियाओं में बदलाव किया है, बल्कि अभ्यर्थियों की सामाजिक और नैतिक अर्हता को लेकर भी बेहद सख्त रुख अपनाया है। प्रयागराज स्थित मुख्यालय से जारी सूचना के अनुसार, आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को चेतावनी दी गई है कि वे विज्ञापन में दिए गए निर्देशों को पूरी गंभीरता से पढ़ें, क्योंकि किसी भी स्तर पर त्रुटि पाए जाने पर अभ्यर्थन बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त कर दिया जाएगा।
वैवाहिक स्थिति को लेकर अभूतपूर्व प्रतिबंध
इस बार के दिशा-निर्देशों में सबसे चर्चा का विषय वैवाहिक स्थिति से जुड़ी शर्त है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे विवाहित पुरुष अभ्यर्थी, जिनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां हैं, वे इस परीक्षा के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। यही नियम महिला अभ्यर्थियों पर भी लागू होता है; यदि किसी महिला ने ऐसे पुरुष से विवाह किया है जिसकी पहले से एक जीवित पत्नी है, तो वह भी आवेदन के लिए अयोग्य होगी।
हालांकि, इस नियम में एक विशेष प्रावधान भी रखा गया है। यदि किसी अभ्यर्थी को महामहिम राज्यपाल द्वारा इस विशिष्ट प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है, केवल तभी उसे पात्र समझा जाएगा। आयोग का तर्क है कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है, इसलिए उसकी पात्रता के मानक उच्च होने चाहिए।
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए श्रुतलेखक के नियम
दृष्टिहीन एवं शारीरिक रूप से अक्षम अभ्यर्थी, जो स्वयं लिखने में असमर्थ हैं, उनके लिए आयोग ने श्रुतलेखक (Scribe) की सुविधा प्रदान की है। लेकिन इसके लिए कड़े मापदंड निर्धारित किए गए हैं:
- शैक्षिक योग्यता: श्रुतलेखक की अधिकतम शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट (12वीं) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- चयन की जिम्मेदारी: अभ्यर्थी को श्रुतलेखक का प्रबंध स्वयं करना होगा। आयोग किसी भी स्थिति में लेखक उपलब्ध नहीं कराएगा।
- पूर्व अनुमति: अभ्यर्थी को परीक्षा तिथि से उचित समय पूर्व संबंधित परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक को एक प्रार्थना पत्र देना होगा। केंद्र व्यवस्थापक द्वारा अनुमति मिलने के बाद ही श्रुतलेखक को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा।
नकल रोकने के लिए 'ब्रह्मास्त्र' कानून लागू
परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस वर्ष उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 को पूरी तरह प्रभावी बनाया गया है। यह कानून अब तक के सबसे कठोर नियमों में से एक है। इसके अंतर्गत:
- परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली, पेपर लीक या नकल कराने वाले गिरोह में शामिल होने पर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
- दोषियों पर 1 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रहा है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर एसटीएफ (STF) की पैनी नजर रहेगी।
OTR और ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत
UPTET 2026 के लिए OTR (One Time Registration) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब अभ्यर्थियों को बार-बार अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरने की आवश्यकता नहीं होगी। एक बार पंजीकरण होने के बाद अभ्यर्थी सीधे आवेदन कर सकेंगे। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें, क्योंकि तकनीकी समस्याओं के कारण आवेदन से वंचित रहने की जिम्मेदारी अभ्यर्थी की स्वयं की होगी।
निष्कर्ष
UPTET 2026 न केवल प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का द्वार है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की कार्यक्षमता की भी परीक्षा है। नए और कड़े नियमों के माध्यम से सरकार का लक्ष्य योग्य और अनुशासित शिक्षकों का चयन करना है।


Social Plugin