हमारे WhatsApp Channel को फॉलो करें और शिक्षा व नौकरी की हर नई अपडेट सबसे पहले पाएं।

Search Suggest

क्या बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को मिलता है अधिकार? | Paternity Leave for UP Teachers

​"क्या उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को 15 दिन का पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) मिलता है?

UP Government Leave Rules for Teachers

किसी भी बच्चे के जन्म के समय परिवार को केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और शारीरिक सहयोग की भी आवश्यकता होती है। जहाँ मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) को समाज और सरकार ने सहजता से स्वीकार किया है, वहीं पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) के मामले में 'बेसिक शिक्षा विभाग' अभी भी एक स्पष्ट और न्यायपूर्ण नीति की प्रतीक्षा कर रहा है।

Paternity Leave UP Basic Teachers News

पितृत्व अवकाश का अर्थ और महत्ता

​पितृत्व अवकाश वह सवेतन छुट्टी है, जो एक पुरुष कर्मचारी को अपनी पत्नी के प्रसव के समय और नवजात शिशु की देखभाल के लिए दी जाती है। यह अवकाश पिता को अपने बच्चे के साथ शुरुआती जुड़ाव बनाने और घर की जिम्मेदारियों में हाथ बँटाने का अवसर देता है।

​अन्य विभागों में व्यवस्था: एक तुलनात्मक दृष्टि

​भारत के विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्रों में यह व्यवस्था वर्षों से सुचारू रूप से लागू है:

  • केंद्रीय सेवाएं: केंद्र सरकार के सभी विभागों, रेलवे, डाक और रक्षा विभाग में 15 दिनों का पितृत्व अवकाश अनिवार्य रूप से मिलता है।
  • राज्य की अन्य सेवाएं: पुलिस विभाग, नगर विकास और विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं में भी पुरुष कर्मचारी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग में विसंगति और 'समानता का अधिकार'

​बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ यहाँ एक बड़ा भेदभाव दिखाई देता है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 "विधि के समक्ष समानता" की गारंटी देता है। जब एक ही राज्य सरकार के अधीन कार्यरत अन्य विभागों के कर्मचारियों को यह सुविधा मिल रही है, तो बेसिक शिक्षा के शिक्षकों को इससे वंचित रखना संवैधानिक और मानवीय, दोनों ही आधारों पर अनुचित है।

"यदि कार्य की प्रकृति एक समान है और नियोक्ता भी राज्य सरकार है, तो सुविधाओं में यह दोहरा मापदंड शिक्षकों के मनोबल को प्रभावित करता है।"

यह मांग क्यों जायज है?

  1. मानवीय दृष्टिकोण: प्रसव के दौरान और उसके बाद पत्नी को मानसिक और शारीरिक सहयोग की सर्वाधिक आवश्यकता होती है।
  2. शिशु कल्याण: शुरुआती दिनों में पिता की उपस्थिति बच्चे के स्वस्थ विकास में सहायक होती है।
  3. समान कार्य, समान अधिकार: राज्य कर्मचारी होने के नाते शिक्षकों का यह वैधानिक अधिकार है कि उन्हें भी अन्य विभागों की भांति सुविधाएं मिलें।

अब समय बदलाव का है

​बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे छोटी और महत्वपूर्ण इकाई (प्राथमिक शिक्षा) को संभालते हैं। उनकी पारिवारिक खुशहाली सीधे तौर पर उनकी कार्यक्षमता से जुड़ी है। सरकार को चाहिए कि वह इस दिशा में संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द से जल्द स्पष्ट शासनादेश जारी करे, ताकि शिक्षकों को भी 'पितृत्व अवकाश' का उनका न्यायोचित अधिकार मिल सके।