लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों के आगामी चुनावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन नामावली (वोटर लिस्ट) के वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम में आंशिक संशोधन करते हुए नई समय-सारणी (Schedule) जारी कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह द्वारा जारी इस अधिसूचना के अनुसार, अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 15 अप्रैल, 2026 को किया जाएगा।
संशोधित कार्यक्रम की मुख्य तिथियां
आयोग द्वारा जारी पत्र संख्या 354 के अनुसार, मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों में पूरा किया जाएगा:
- पाण्डुलिपियों की तैयारी और सत्यापन: दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद हस्तलिखित पाण्डुलिपियां तैयार करने और डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन का कार्य 16 मार्च, 2026 तक चलेगा।
- कंप्यूटरीकरण और मतदान केंद्रों का निर्धारण: पूरक सूचियों का कंप्यूटरीकरण और मतदान केंद्रों/स्थलों के निर्धारण की प्रक्रिया 21 फरवरी से 16 मार्च, 2026 के बीच संपन्न होगी।
- वार्ड मैपिंग और डाउनलोडिंग: मतदाता सूचियों के कंप्यूटरीकरण के बाद वार्डों की मैपिंग, SVN आवंटन और सूची डाउनलोड करने का कार्य 17 मार्च से 13 अप्रैल, 2026 तक चलेगा।
- अंतिम प्रकाशन: सभी संशोधनों के बाद निर्वाचन नामावली का सार्वजनिक रूप से अंतिम प्रकाशन 15 अप्रैल, 2026 को होगा।
सार्वजनिक अवकाश में भी खुले रहेंगे कार्यालय
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पुनरीक्षण कार्य की महत्ता को देखते हुए, निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के लिए सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे। जिला मजिस्ट्रेट और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार स्थानीय समाचार पत्रों और नोटिस बोर्ड के माध्यम से करें ताकि आम जनता को इसकी सटीक जानकारी मिल सके।

