प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UPMSP) ने बोर्ड परीक्षाओं के संचालन की नीति में एक बड़ा बदलाव किया है। आगामी 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों परीक्षार्थियों के लिए यह खबर राहत भरी है। बोर्ड ने निर्णय लिया है कि परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों (Unfair Means) का प्रयोग करने वाले छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन पर अब आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज नहीं कराया जाएगा।
छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सर्वोपरि
सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद् द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षाओं के दौरान छात्र अक्सर दबाव या गलत संगत में आकर अनुचित साधनों का सहारा लेते हैं। ऐसे में उन पर पुलिस केस या आपराधिक मुकदमा दर्ज होने से उनके करियर पर आजीवन "कलंक" लग जाता है और उच्च शिक्षा या सरकारी नौकरियों के रास्ते बंद हो जाते हैं।
बोर्ड का मानना है कि "अपराध बोध" सुधारने का अवसर मिलना चाहिए, न कि छात्र का भविष्य पूरी तरह नष्ट कर दिया जाना चाहिए।
नकल विहीन परीक्षा के लिए अन्य कड़े इंतजाम
हालांकि छात्रों के प्रति नरम रुख अपनाया गया है, लेकिन परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा। सचिव ने स्पष्ट किया है कि:
- सभी परीक्षा केंद्र CCTV कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर से लैस रहेंगे।
- कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग के माध्यम से गड़बड़ियों पर नजर रखी जाएगी।
- नकल में लिप्त पाए जाने वाले कक्ष निरीक्षकों और बाहरी तत्वों पर कानूनी कार्रवाई (NSA और गैंगेस्टर एक्ट तक) का प्रावधान यथावत रहेगा।


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