उत्तर प्रदेश में मतदाता सत्यापन (Voter Verification) प्रक्रिया के दौरान SIR (Supplementary Information Request) नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है जिसमें आपकी नागरिकता और पते की पुष्टि की जाती है।
यहाँ इस प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाने के लिए एक नया आर्टिकल दिया गया है:
अगर आपके पास निर्वाचन विभाग की ओर से SIR नोटिस आया है, तो इसका अर्थ है कि आपके मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) के विवरणों का सत्यापन होना है। इसे पूरा करने के लिए आपको बहुत अधिक भाग-दौड़ करने की जरूरत नहीं है। आप नीचे दिए गए सरल दस्तावेजों में से कोई भी दो कागजात दिखाकर अपना वेरिफिकेशन आसानी से करवा सकते हैं।
जरूरी दस्तावेजों की सूची (कोई भी दो)
सत्यापन के लिए आप निम्नलिखित में से किन्हीं भी दो कागजातों का उपयोग कर सकते हैं:
- मूल निवास प्रमाण पत्र: यह कितना भी पुराना हो, मान्य है।
- जाति प्रमाण पत्र: पुराने सर्टिफिकेट भी स्वीकार किए जाएंगे।
- 10वीं की सनद / मार्कशीट: जन्म तिथि और नाम की पुष्टि के लिए।
- खतौनी या किसान बही: भूमि संबंधी सरकारी दस्तावेज।
- जन्म प्रमाण पत्र: नगर निगम या ग्राम पंचायत द्वारा जारी।
- सरकारी आईडी: कोई भी ऐसी आईडी जिसमें आपका पता और जन्म तिथि दोनों अंकित हों (जैसे- जॉब कार्ड)।
- परिवार रजिस्टर की नकल: यह ग्राम विकास अधिकारी या पंचायत सचिव से प्राप्त की जा सकती है।
जन्म तिथि के अनुसार सत्यापन के नियम
सत्यापन की प्रक्रिया आपकी उम्र के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। अपनी श्रेणी के अनुसार तैयारी करें:
| श्रेणी | आवश्यक दस्तावेज |
|---|---|
| 01.01.1987 से पहले जन्मे लोग | ऊपर दी गई सूची में से केवल एक कागज दिखाना पर्याप्त है। |
| 01.04.1987 से 02.12.2004 के बीच जन्मे लोग | अपना एक, माता जी का एक और पिता जी का एक दस्तावेज दिखाना होगा। |
| 02.12.2004 के बाद जन्मे लोग | स्वयं का और माता-पिता दोनों का एक-एक दस्तावेज दिखाना अनिवार्य है। |


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