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लखनऊ के 1609 परिषदीय स्कूलों में गूंजेगी AI की गूंज, स्मार्ट होंगे परिषदीय विद्यालय

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी के सरकारी स्कूल अब केवल ब्लैकबोर्ड और चौक तक सीमित नहीं रहेंगे। शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, जिला प्रशासन ने लखनऊ के 1609 परिषदीय विद्यालयों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने का निर्णय लिया है। इस पहल से हज़ारों बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीक का अनुभव मिलेगा।

Smart Class in Lucknow Government School

​जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय में एक कक्षा को 'स्मार्ट क्लास' के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को विजुअल और इंटरेक्टिव माध्यम से कठिन विषयों को आसानी से समझाना है। इसके साथ ही:

  • मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालयों की सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा।
  • ​राजधानी के 8 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में आवासीय सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है।

कौशल विकास के लिए 'ड्रीम स्किल कैब क्लस्टर'

​माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत लखनऊ के 55 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 'ड्रीम स्किल कैब क्लस्टर' की स्थापना की जाएगी।

यहाँ छात्रों को किताबी ज्ञान के अलावा व्यावसायिक (Vocational) और कौशल आधारित शिक्षा दी जाएगी, जिससे वे पढ़ाई पूरी करते ही रोजगार की दुनिया के लिए तैयार हो सकें।

आईटीआई छात्रों को मिलेगी 'AI डाटा लैब' की सौगात

​तकनीकी शिक्षा को नया आयाम देने के लिए इंडिया एआई मिशन के तहत राजधानी में एआई डाटा लैब की स्थापना की जा रही है।

    • केंद्र: अलीगंज, मोहनलालगंज और सरोजनीनगर के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को अपग्रेड किया जा रहा है।
    • लाभ: इन लैब के जरिए छात्र डेटा साइंस और एआई जैसे आधुनिक विषयों में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे आईटी क्षेत्र में उनके लिए नौकरियों के बेहतर अवसर खुलेंगे।

​लखनऊ में बुनियादी शिक्षा से लेकर तकनीकी शिक्षा तक जिस तरह से AI और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, वह भविष्य में एक 'स्मार्ट वर्कफोर्स' तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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