औरैया। जनपद के सरकारी विद्यालयों के भवनों और प्रांगणों का उपयोग अब केवल शिक्षा और खेलकूद के लिए ही किया जा सकेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संजीव कुमार ने एक कड़ा आदेश जारी करते हुए स्कूलों में होने वाले शादी-विवाह और व्यावसायिक आयोजनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख
पिछले काफी समय से जिला प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि जनपद के कई विद्यालयों के भवनों और खेल के मैदानों का उपयोग सार्वजनिक आयोजनों, विशेषकर शादियों और व्यावसायिक कार्यक्रमों के लिए किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, यह न केवल नियमों के विरुद्ध है बल्कि इससे विद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुँचता है और शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित होता है।
उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला
BSA द्वारा जारी पत्र (पत्रांक: बे०शि०अ०/18700-06/2025-26) में स्पष्ट किया गया है कि:
- शासन का आदेश (2012): उत्तर प्रदेश शासन ने 29 सितंबर 2012 को ही स्कूलों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगा दी थी।
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय का फैसला: याचिका संख्या C-7500/2020 (दीपेन्द्र विक्रम सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य) में माननीय उच्च न्यायालय ने 3 मार्च 2020 को आदेश दिया था कि स्कूल परिसर में शिक्षा और खेल के अलावा किसी भी अन्य गतिविधि की अनुमति न दी जाए।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
नए आदेश के तहत अब विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार के गैर-शैक्षणिक कार्य नहीं किए जा सकेंगे। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य विकास अधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित सभी संबंधित अधिकारियों को सूचना भेज दी गई है।
मुख्य निर्देश: सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र के किसी भी सरकारी स्कूल में निजी या व्यावसायिक कार्यक्रम न हों। यदि कोई प्रधानाध्यापक नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


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