ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए नए निर्देश जारी, तैयार होंगे 5 मुख्य प्रारूप
सम्भल। जनपद की ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक सुधार और विकास कार्यों की निगरानी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मुरादाबाद मंडल के आयुक्त द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में, अब सभी ग्राम पंचायतों को पांच विशिष्ट प्रारूपों पर डेटा तैयार कर ग्राम सचिवालयों में सुरक्षित रखना होगा।
आयुक्त के निर्देशों का अनुपालन
हाल ही में आयुक्त, मुरादाबाद मंडल की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में ग्राम प्रधानों और विकास खंड अधिकारियों के साथ ग्राम स्वास्थ्य, पोषण और स्थानीय बाजारों से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई थी। इसी चर्चा के क्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी, चेतेन्द्र पाल सिंह ने जनपद के सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) और ग्राम पंचायत सचिवों को सख्त निर्देश दिए हैं।
इन 5 प्रारूपों पर तैयार होगी सूचना
आदेश के अनुसार, प्रत्येक ग्राम पंचायत को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी है:
- प्रारूप-01 (हाट बाजार/मण्डी): ग्राम पंचायतों में लगने वाले स्थानीय हाट बाजारों और मंडियों से संबंधित विस्तृत जानकारी।
- प्रारूप-02 (उपस्थिति पंजिका): ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड।
- प्रारूप-03 (स्कूल एवं आंगनबाड़ी): स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की उपस्थिति पंजिका और उनके संचालन की स्थिति।
- प्रारूप-04 (शिकायत पंजिका): ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान हेतु एक व्यवस्थित 'शिकायत रजिस्टर' का रखरखाव।
- प्रारूप-05 (ऑडिट एवं बैलेंस शीट): ग्राम पंचायत के वित्तीय लेखा-जोखा, ऑडिट रिपोर्ट और वर्तमान बैलेंस शीट की जानकारी।
ग्राम सचिवालय में रखा जाएगा रिकॉर्ड
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम प्रधानों और सचिवों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उपरोक्त सभी सूचनाएं वास्तविक हों और इन्हें ग्राम सचिवालय में सुरक्षित रखा जाए। निरीक्षण के दौरान या उच्च अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर यह डेटा तत्काल कार्यालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों को किया गया निर्देशित
इस आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी (सम्भल), मुख्य विकास अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि इस प्रक्रिया की निगरानी ब्लॉक स्तर पर प्रभावी ढंग से की जा सके। साथ ही, पंचायत सहायक/अकाउंटेंट कम डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को भी इस कार्य में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।








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