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15000 शिक्षक भर्ती इंक्रीमेंट केस: हाईकोर्ट की सख्ती बढ़ी, सरकार को अंतिम अवसर

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। 15000 शिक्षक भर्ती के इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) और सेवा लाभ से जुड़े मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। 12 फरवरी 2026 की सुनवाई के बाद जारी आदेश से प्रभावित शिक्षकों में नई उम्मीद जगी है। न्यायालय ने साफ कहा कि जब विभाग अपनी गलती स्वीकार कर चुका है, तो लाभ देने में देरी क्यों हो रही है?

क्या है पूरा मामला?

15000 शिक्षक भर्ती के अंतर्गत नियुक्त शिक्षकों का दावा है कि उन्हें नियुक्ति तिथि (Date of Appointment) से ही वार्षिक वेतन वृद्धि (Increment) और अन्य सेवा लाभ मिलना चाहिए था।

20 नवंबर 2025 को वित्त नियंत्रक (Finance Controller) द्वारा जारी आदेश में यह स्वीकार किया गया कि शिक्षकों को सेवा लाभ उनकी नियुक्ति तिथि से देय हैं।

इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर अब तक एरियर और इंक्रीमेंट का भुगतान नहीं हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर मामला न्यायालय पहुंचा।

⚖️ कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने कहा कि:

  • विभाग स्वयं यह मान चुका है कि लाभ देय है।
  • आदेश जारी होने के बाद भी अनुपालन (Compliance) न होना गंभीर है।
  • प्रशासनिक देरी शिक्षकों के अधिकारों का हनन है।

कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि विभाग ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो कड़ी कार्रवाई संभव है।

सरकार को दो सप्ताह का अंतिम मौका

न्यायालय ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग को निर्देश दिया है कि वे दो सप्ताह के भीतर Counter Affidavit (जवाबी हलफनामा) दाखिल करें।

इसमें स्पष्ट करना होगा कि:

  • वित्त नियंत्रक के आदेश के बावजूद भुगतान क्यों लंबित है?
  • एरियर और इंक्रीमेंट जारी करने की समय-सीमा क्या है?

अगली सुनवाई कब?

मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी 2026 को निर्धारित की गई है।
यदि सरकार तय समय में जवाब दाखिल नहीं करती है, तो न्यायालय अंतिम आदेश पारित कर सकता है या संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश दे सकता है।

मुख्य बिंदु एक नजर में

बिंदु विवरण
मामला 15000 शिक्षक भर्ती इंक्रीमेंट केस
पिछली सुनवाई 12 फरवरी 2026
विभागीय आदेश 20 नवंबर 2025 – सेवा लाभ नियुक्ति तिथि से देय
कोर्ट निर्देश 2 सप्ताह में काउंटर एफिडेविट
अगली सुनवाई 27 फरवरी 2026

शिक्षकों की उम्मीदें

15000 भर्ती के शिक्षक लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब जबकि विभागीय स्तर पर भी उनकी मांग को स्वीकार कर लिया गया है, वे शीघ्र एरियर भुगतान और नियमित इंक्रीमेंट की उम्मीद कर रहे हैं।

27 फरवरी की सुनवाई इस मामले में निर्णायक साबित हो सकती है।

15000 शिक्षक भर्ती इंक्रीमेंट केस: हाईकोर्ट सख्त, 2 हफ्ते का समय

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