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ब्रिज कोर्स (बीएड शिक्षक) विशेष: परीक्षा, उपस्थिति और आवेदन से जुड़ी जरूरी जानकारियां

Sir Ji Ki Pathshala

बीएड शिक्षकों के लिए अनिवार्य किए गए ब्रिज कोर्स को लेकर कई तरह की शंकाएं बनी हुई हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए ब्रिज कोर्स से जुड़ी कुछ अहम और व्यावहारिक जानकारियां सामने आई हैं, जो शिक्षकों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।


NIOS BRIDGE COURSE


ऑफलाइन होगी सब्जेक्टिव परीक्षा

ब्रिज कोर्स की सब्जेक्टिव परीक्षा डायट (DIET) स्तर पर ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी लिखित उत्तरों के अनुरूप करनी होगी।

अवकाश के दौरान भी दे सकते हैं परीक्षा

मातृत्व अवकाश या अन्य किसी अवकाश पर चल रहे शिक्षक भी समय निकालकर परीक्षा देकर पास हो सकते हैं। ऐसा करने पर केवल पेपर-6 (स्कूल एक्सपीरियंस) बचता है, जिसे अगले वर्ष पूरा करने में किसी प्रकार की विशेष परेशानी नहीं होगी।

20 दिनों में पूरे करने होंगे शैक्षणिक कार्य

ब्रिज कोर्स के अंतर्गत 20 दिनों में न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। इस दौरान

  • कुल 40 लेसन प्लान (प्रत्येक विषय के 10-10),
  • प्रतिदिन की गतिविधियों पर आधारित एक रिफ्लेक्टिव डायरी तैयार करनी होगी।

इन सभी कार्यों के लिए कुल 20 अंक निर्धारित हैं, इसलिए इन्हें गंभीरता से पूरा करना आवश्यक है।

पहले से प्रशिक्षित शिक्षक भी करें आवेदन

जिन शिक्षकों ने नियुक्ति से पहले ब्रिज कोर्स या नियुक्ति के बाद डीएलएड (D.El.Ed) पूरा कर लिया है, उन्हें भी इस ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन करना चाहिए। इससे भविष्य में कोर्ट-कचहरी से जुड़ा कोई झंझट न केवल कम होगा, बल्कि अनावश्यक खर्च और मानसिक उलझन से भी बचा जा सकेगा।

फॉर्म भरते समय सुधार करना न भूलें

आवेदन पत्र में यदि विषय या व्यक्तिगत विवरण में कोई अशुद्धि रह गई हो, तो उसे अपडेट करना जरूरी है। खास तौर पर नाम, विद्यालय का UDISE कोड, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी सही होनी चाहिए। डिक्लेरेशन में यदि तारीख 28-11-2023 या 11-08-2023 हो, या कहीं नाम/विद्यालय का नाम छूट गया हो, तो भी अब तक देश में किसी का फॉर्म न तो रिजेक्ट हुआ है और न ही होने की संभावना है। फिर भी संतुष्टि के लिए नया प्रिंट निकालकर सही विवरण भरकर प्रधानाध्यापक या एबीएसए से सत्यापित कराकर सुरक्षित रखा जा सकता है।

कमजोर अभ्यर्थियों को भी घबराने की जरूरत नहीं

जो शिक्षक टीईटी या सुपर टीईटी 55–60 प्रतिशत अंकों के साथ बिना किसी जुगाड़ के पास कर चुके हैं, वे इस परीक्षा में 40–45 प्रतिशत अंक आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, पढ़ाई और तैयारी के लिए सहयोग भी मिलेगा। यदि फिर भी घबराहट हो तो जिले स्तर पर अपने विषय संस्कृत या अंग्रेजी के 10–10 साथियों का एक समूह बनाकर तैयारी करना आगे चलकर काफी मददगार साबित होगा।

कुल मिलाकर, ब्रिज कोर्स को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। सही जानकारी, समय पर तैयारी और सतर्कता के साथ यह कोर्स आसानी से पूरा किया जा सकता है।